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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 09, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'चीनी सेना ने करवाया मणिपुर में उग्रवादी हमला'

मणिपुर में हुए उग्रवादी हमले में चीनी सेना का हाथ था। यह दावा सुरक्षा अधिकारी ने फोन इंटरसेप्ट और लोकेशन डिटेल के आधार किया है।

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Publish Date: Tue, 09 Jun 2015 09:50:22 AM (IST)Updated Date: Tue, 09 Jun 2015 09:55:18 AM (IST)
'चीनी सेना ने करवाया मणिपुर में उग्रवादी हमला'

नई दिल्ली। मणिपुर के चंदेल जिले में चार जून को हुए उग्रवादी हमले के पीछे चीनी सेना का हाथ था। फोन इंटरसेप्ट और लोकेशन डिटेल के आधार पर एक सुरक्षा अधिकारी ने यह दावा किया है। रक्षा सूत्रों के अनुसार, चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी के दो अधिकारी मणिपुर हमले की जिम्मेदारी लेने वाले उग्रवादी संगठन एनएससीएन (खापलांग) के संपर्क में थे।

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, केंद्र के साथ सीजफायर समझौते का उल्लंघन करने वाले उग्रवादी संगठन ने चीनी सेना के निर्देशों पर यह हमला किया। अधिकारी ने बताया कि 10 और 11 अप्रैल को दिल्ली में विदेश मंत्रालय, केंद्रीय गृह मंत्रालय और म्यांमार अधिकारियों की बैठक में यह जानकारी साझा की गई थी।


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अधिकारी ने बताया कि उग्रवादी संगठन उल्फा के लीडर परेश बरुआ ने एनएससीएन लीडर एसएस खापलांग को केंद्र के साथ युद्धविराम तोड़ने के लिए राजी किया था। बताया जा रहा है कि परेश बरुआ भी चीनी सेना के निर्देशों पर उग्रवादी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। अधिकारी ने बताया कि उग्रवादी संगठन म्यांमार में ट्रांसपोर्ट बिजनेस और अफीम का कारोबार कर रहे हैं।

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अधिकारी ने बताया कि हमने राज्य सरकार को इससे बाबत सबूत और तस्वीरें सौंपी हैं। खापलांग और बरुआ दोनों ही म्यांमार के टागा से चीन के युन्‍नाम प्रांत में स्‍िथत रुली और कुन्मिंग में आते-जाते हैं। आरोप है कि दोनों चीन की सेना के अधिकारियों के संपर्क में हैं।