यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 02, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
BSP on UCC: मायावती का बड़ा बयान, 'हम समान नागरिक संहिता के खिलाफ नहीं, लेकिन...'
Uniform Civil Code: बसपा सुप्रीमो ने कहा, मोदी सरकार जिस तरह से इसे लागू करने की कोशिश कर रही है, वह तरीका गलत है।
By Arvind DubeyEdited By: Arvind Dubey
Publish Date: Sun, 02 Jul 2023 09:08:52 AM (IST)Updated Date: Sun, 02 Jul 2023 11:56:46 AM (IST)
Congress on Uniform Civil Code Uniform Civil Code: पूरे देश में समान नागरिक संहिता (UCC) की चर्चा हो रही है। हर कोई अपनी राय दे रहा है। इस बीच, कांग्रेस ने इस मुद्दे पर दिल्ली में बड़ी बैठक की।
सोनिया गांधी की अगुवाई में हुई बैठक के बाद पार्टी ने अपने पत्ते नहीं खोले और कहा कि इसका ड्राफ्ट सामने आने के बाद प्रतिक्रिया दी जाएगी।
इस बीच, बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस पर बड़ा बयान दिया है। मायावती ने कहा है कि उनकी पार्टी समान नागरिक संहिता के खिलाफ नहीं है, लेकिन मोदी सरकार जिस तरह से इसे लागू करने की कोशिश कर रही है, वह तरीका गलत है। मायावती ने साथ ही कहा कि केंद्र सरकार को अन्य जरूरी मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
UCC पर सतर्क सियासी रुख अपना रही कांग्रेस
समान नागरिक संहिता के साथ ही संसद के मानसून सत्र पर रणनीति बनाने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खऱगे ने बैठक बुलाई। बैठक में सोनिया गांधी समेत बड़े नेता शामिल हुए।
बैठक के बाद वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा, समान नागरिक संहिता का मसौदा जब सामने आएगा, तब पार्टी उस पर विचार कर अपनी राय देगी। इस तरह भाजपा ने जहां इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया है, वहीं कांग्रेस ने अभी कोई आधिकारिक रुख तय नहीं किया है।
हालांकि पार्टी ने पिछले विधि आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कुछ दिन पूर्व यह जरूर कहा था कि अभी समान नागरिक संहिता की कोई जरूरत नहीं है।
क्या 5 अगस्त को संसद में पेश होगा यूसीसी
इस बीच, यूसीसी को लेकर 5 अगस्त की तारीख अहम बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि राम मंदिर का फैसला 5 अगस्त को आया था। इसी तरह जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने का फैसला भी इसी तारीख को लिया गया था।
इसके बाद उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी 5 अगस्त को ही समान नागरिक संहिता बिल संसद में पेश किया जाएगा। बता दें, अभी सरकार ने इस मुद्दे पर सभी पक्षों की राय मांगी है। नागरिकों से भी उनका रुख जाना है।
ड्राफ्ट तैयार होने के बाद इसे कैबिनेट में पास किया जाएगा। इसके बाद पहले लोकसभा और फिर राज्यसभा में पेश किया जाएगा।
लोकसभा में भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत है, लेकिन राज्यसभा में उठा-पटक करना पड़ सकती है। हालांकि जानकार बता रहे हैं कि इस बिल को राज्यसभा से पारित करना भी भाजपा के लिए मुश्किल भरा नहीं रहेगा।