
देहरादून। उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार को खतरे में डालने वाले बागी नेताओं के खिलाफ पार्टी ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के बेटे साकेत बहुगुणा को कांग्रेस ने छह साल के लिए पार्टी से बहिष्कृत कर दिया है।
कांग्रेस आलाकमान ने साकेत बहुगुणा के अलावा उत्तराखंड कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी अनित गुप्ता को भी पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा गया है। उन्हें भी 6 साल के लिए पार्टी से बाहर निकाला गया है। पार्टी का कहना है कि दोनों पिछले काफी दिनों से पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे।
गौरतलब है कि विजय बहुगुणा और हरक सिंह रावत की अगुवाई में 9 विधायकों ने पार्टी के खिलाफ बगावत कर दी है। इन विधायकों ने बीजेपी के साथ जाने का संकेत दिया है। इसी सिलसिले में विजय बहुगुणा ने बीजेपी नेता भगत सिंह कोशियारी से मुलाकात भी की थी।
बागी विधायकों ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिलने का वक्त मांगा है, जो संभवत: सोमवार शाम हो सकती है। बहुगुणा का कहना है कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिलने के बाद ही आगे की रणनीति तय करेंगे। मुख्यमंत्री हरीश रावत को राज्यपाल ने 28 मार्च तक बहुमत साबित करना है।
उत्तराखंड के बागी कांग्रेसियों को राष्ट्रपति से समय मिलने के बाद होटल लीला में रौनक लौट आई। विधायकों के चेहरे खिल गए। राष्ट्रपति के सामने शाम पौने सात बजे बागी कांग्रेस विधायकों के साथ परेड में शामिल हो सकते हैं। भाजपा के विधायक, होटल लीला में भाजपा के 26 और कांग्रेस के नौ विधायक ठहरे हुए हैं।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी की सक्रियता से बागी कांग्रेस विधायकों सहित सभी भाजपा विधायकों का उत्साह बढ़ा, रविवार रात कोश्यारी के होटल आने के बाद से राजनीतिक सरगर्मी हुई थी तेज। बता दें कि कोश्यारी को अगले मुख्यमंत्री के रूप में देखना अधिक पसंद कर रहे हैं बागी कांग्रेसी विधायक।
बागी कांग्रेस विधायकों में सबसे मुखर सुबोध उनियाल ने कहा, हरीश रावत ने उत्तराखंड को बंधक बना रखा है, रावत की विदाई में ही उत्तराखंड की भलाई है, उम्मीद है राष्ट्रपति के सामने परेड के बाद बेहतर होगा।