
डिजिटल डेस्क। नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के शीर्ष प्रतिनिधियों के बीच शुक्रवार को वीपी हाउस में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। लगभग 45 मिनट तक चली इस वार्ता में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने सरकार का प्रतिनिधित्व किया, जबकि सीजेपी की तरफ से आशुतोष रांका और सौरव दास वार्ता में शामिल हुए।
बैठक के दौरान सीजेपी नेताओं ने केंद्रीय मंत्रियों को अपना औपचारिक मांग पत्र सौंपा। यह वार्ता पहले कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित होनी थी, लेकिन अंतिम समय में इसका स्थल बदलकर वीपी हाउस कर दिया गया। सुरक्षा के लिहाज से वीपी हाउस के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
वार्ता समाप्त होने के बाद सीजेपी नेता आशुतोष रांका और सौरव दास ने मीडिया से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि पार्टी अपनी तीन मुख्य मांगों पर कायम है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
सीजेपी प्रतिनिधियों के अनुसार, सरकार ने तीन में से दो मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है और अंतिम निर्णय के लिए शनिवार तक का समय मांगा है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि शनिवार तक सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो आंदोलन को देशव्यापी स्तर पर और उग्र किया जाएगा।
दूसरी तरफ, गतिरोध को कम करने की दिशा में सरकार ने कदम बढ़ाए हैं। गुरुवार देर रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात की। सरकार के साथ तीन प्रमुख मुद्दों पर बनी सहमति के बाद वांगचुक ने शुक्रवार रात अपना 26 दिनों से जारी उपवास समाप्त कर दिया।
गौरतलब है कि नीट धांधली के विरोध में सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके पिछले एक महीने से अधिक समय से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनवरत प्रदर्शन कर रहे हैं। देश के विभिन्न हिस्सों से आए छात्र और समर्थक इस आंदोलन को अपना समर्थन दे रहे हैं। दीपके ने भी दोहराया है कि शिक्षा मंत्री के पद छोड़ने तक जंतर-मंतर से धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। अब सभी की निगाहें शनिवार को सरकार द्वारा लिए जाने वाले फैसले पर टिकी हैं।