Delhi Air Pollution। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता एक बार फिर बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है। दिसंबर माह में हवा की गुणवत्ता का सूचकांक लगातार गिर रहा है। सोमवार सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 372 (बहुत खराब श्रेणी में) श्रेणी में दर्ज किया गया है। वायु प्रदूषण को लेकर एक्सपर्ट का भी कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में हवा की गुणवत्ता में एक बार फिर गिरावट आ सकती है और दिल्लीवासियों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है।

आपको बता दें कि एक दिन पहले रविवार को भी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बीते एक माह में पहली बार 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गया है। राजधानी दिल्ली में रविवार को AQI 407 दर्ज किया, जो 4 नवंबर को 447 के बाद सबसे खराब था। एक्सपर्ट का कहना है कि दिसंबर की खराब हवा का सबसे खराब दौर अभी आना बाकी है और आने वाले कुछ दिनों में तापमान में गिरावट के साथ भी हवा का स्तर भी खराब होता जाएगा।

अक्टूबर और नवंबर में खराब होती है हवा

आपको बता दें कि हर साल दिल्ली में वायु गुणवत्ता अक्टूबर और नवंबर माह में खराब स्तर पर पहुंच जाती है। ऐसा माना जाता है कि पंजाब और हरियाणा में इसी दौरान पराली जलाने के कारण उठने वाला दिल्ली की हवा का खराब करता है। हालांकि दिल्ली में होने वाले वायु प्रदूषण के लिए कई अन्य कारक भी जिम्मेदार हैं। दिल्ली में अक्टूबर नवंबर माह में तापमान में गिरावट, हवाओं के शांत होने के कारण भी वायु प्रदूषण बढ़ता है।

एक्सपर्ट का कहना है कि बीते कुछ दिनों में AQI में गिरावट से पता चलता है कि मौसम की स्थिति प्रतिकूल होने पर हवा की गुणवत्ता कितनी तेजी से बदल सकती है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) की कार्यकारी निदेशक अनुमिता रॉय चौधरी के मुताबिक वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) अभी तक जिन पूर्वानुमान मॉडल के जरिए वायु की गंभीरता का अनुमान लगाता रहा है, वह पूर्वानुमान अब गलत निकल रहे हैं और हवा की गुणवत्ता उम्मीद से ज्यादा खराब श्रेणी में दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे यह पता चलता है कि मौसम तेजी से प्रतिकूल हो रहा है या हो सकता है। हवा की गति में अचानक गिरावट से स्थानीय उत्सर्जन का जमाव बढ़ते जाता है।

अनुमिता रॉय चौधरी का कहना है कि दिल्ली में हर साल दिसंबर के अंत और जनवरी की शुरुआत तक तापमान काफी कम हो जाता है, इस कारण से पराली, वाहन उत्सर्जन और उद्योगों से निकलने वाला वायु प्रदूषण निचले स्तर पर फंस जाता है।

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने बीते साल एक शोध में पाया कि 2016 और 2020 के बीच राजधानी दिल्ली में 1-15 नवंबर के बीच 285 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की PM 2.5 डेंसिटी का औसत रहा, जो पूरे वर्ष में सबसे अधिक है। दूसरा उच्चतम औसत PM 2 है। वहीं 0.5 डेंसिटी 16 से 31 दिसंबर तक 218 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर थी।

Posted By: Sandeep Chourey

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