
वाराणसी, ब्यूरो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र एक और उपलब्धि हासिल करने में जुट गया है। 5500 हॉर्स पावर के पहले डीजल रेल इंजन निर्माण के बाद डीजल रेल कारखाना (डीरेका) अब 6000 हॉर्स पावर क्षमता का डीजल रेल इंजन बनाने की तैयारी में है। स्वर्ण जयंती वर्ष मना चुके डीरेका का यह एक और कीर्तिमान होगा। यह देश का सबसे शक्तिशाली डीजल रेल इंजन होगा। इसमें दो चालक कक्ष होंगे।
इस डीजल इंजन को बनाने के लिए दुनिया की कई प्रसिद्ध कंपनियों से सलाह भी ली जा चुकी है। सभी जगह से सकारात्मक संकेत मिले हैं। इस परियोजना को मूर्तरूप देने में करीब दो वर्ष लगेंगे। डीरेका भारत सरकार के लिए विदेशी मुद्रा भी लाता है। यहां निर्मित इंजन विदेश निर्यात किए जाते हैं। श्रीलंका, मलेशिया, बांग्लादेश सहित कई राष्ट्र पहले ही डीरेका से इंजन लेते रहे हैं, अब कतार में अफ्रीकी देश भी हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में बांग्लादेश व श्रीलंका को हल्के इंजन बेच डीरेका को 197 करोड़ की आय हुई थी। डीरेका महाप्रबंधक अशोक कुमार हरित ने बताया कि योजना अभी शुरुआती दौर में है और इंजन के डिजाइन पर काम चल रहा है। इस इंजन में दोनों ओर वातानुकूलित चालक कक्ष होंगे। केबिन में बाथरूम भी बनाया जाएगा।