
डिजिटल डेस्क: साल 2026 राजनीतिक दृष्टि से भारत और दुनिया दोनों के लिए बेहद अहम रहने वाला है। भारत में पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव (Vidhan Sabha Election 2026) होने जा रहे हैं। इन चुनावों में देश की लगभग 17 प्रतिशत आबादी अपनी सरकार चुनेगी। वहीं, भारत के पड़ोसी देशों सहित दुनिया के 36 से अधिक देशों में भी आम चुनाव (Chunav 2026) आयोजित होंगे, जिससे वैश्विक राजनीति की दिशा तय होगी।
केरल देश का इकलौता राज्य है जहां अभी भी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) की सरकार है। 2021 में LDF ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाकर परंपरा तोड़ी थी। कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन इस बार एंटी-इनकम्बेंसी को मुद्दा बनाकर वापसी की कोशिश कर रहा है। भाजपा अब तक केरल में विधानसभा की एक भी सीट नहीं जीत पाई है। हालांकि, 2024 में त्रिशूर लोकसभा सीट और दिसंबर 2025 में तिरुवनंतपुरम नगर निगम भाजपा ने जीता था।
पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पिछले 14 वर्षों से सत्ता में हैं। यदि 2026 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) फिर से जीत दर्ज करती है, तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनने वाली देश की पहली महिला नेता होंगी। अब तक यह उपलब्धि किसी भी महिला मुख्यमंत्री ने हासिल नहीं की है। भाजपा इस चुनाव में मुख्य विपक्षी के रूप में ममता को चुनौती दे रही है।
तमिलनाडु देश का एकमात्र राज्य है, जहां पिछले 60 वर्षों से कांग्रेस या भाजपा की सरकार नहीं बनी। राज्य की राजनीति पर DMK और AIADMK का दबदबा रहा है। 2026 के चुनाव में भाजपा, AIADMK के साथ गठबंधन कर सकती है। वहीं, सुपरस्टार विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के चुनावी मैदान में उतरने से मुकाबला और रोचक हो गया है।
पुडुचेरी देश की सबसे छोटी विधानसभा है। 2021 में कांग्रेस सरकार गिरने के बाद AINRC-BJP गठबंधन सत्ता में आया और एन. रंगासामी मुख्यमंत्री बने। यह पहली बार था, जब भाजपा सीधे तौर पर पुडुचेरी की सत्ता में शामिल हुई। 2026 में कांग्रेस, DMK के साथ गठबंधन कर सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है।
असम में पिछले 10 वर्षों से भाजपा की सरकार है और पार्टी तीसरे कार्यकाल के लिए मैदान में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते छह महीनों में तीन बार असम का दौरा कर चुके हैं। 126 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा ने 100 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। बांग्लादेशी घुसपैठ, सीमा सुरक्षा और असमिया पहचान प्रमुख चुनावी मुद्दे हैं। कांग्रेस ने भाजपा को चुनौती देने के लिए आठ दलों के साथ गठबंधन बनाया है।
2026 में भारत के अलावा दुनिया के 36 से अधिक देशों में आम चुनाव होंगे। इनमें बांग्लादेश, नेपाल और इजरायल सबसे ज्यादा चर्चा में हैं।
नेपाल: Gen-Z आंदोलन के बाद पहला चुनाव
नेपाल में 5 मार्च को मतदान होगा। Gen-Z आंदोलन के बाद यह देश का पहला आम चुनाव है। आंदोलन के बाद बनी नई नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी, जिसमें 10 कम्युनिस्ट दल शामिल हैं, को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
बांग्लादेश: सत्ता परिवर्तन की आहट
शेख हसीना के तख्तापलट के बाद बांग्लादेश में पहली बार चुनाव होंगे। शेख हसीना भारत आ चुकी हैं और उनकी पार्टी आवामी लीग पर चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध है। विपक्षी नेता खालिदा जिया का हाल ही में निधन हो चुका है। उनकी पार्टी BNP के सत्ता में आने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान प्रधानमंत्री बन सकते हैं।
इजरायल: नेतन्याहू की राजनीतिक परीक्षा
फलिस्तीन-गाजा युद्ध के बाद इजरायल में भी 2026 में आम चुनाव होंगे। पिछले कई चुनावों से यहां किसी एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। इस बार भी गठबंधन सरकार बनने की संभावना है। बेंजामिन नेतन्याहू, जो इजरायल के सबसे लंबे समय तक सत्ता में रहने वाले प्रधानमंत्री हैं, उनके राजनीतिक भविष्य का फैसला इस चुनाव में होगा।