
मल्टीमीडिया डेस्क। सीमा पार से घुसपैठ कर कश्मीर में अशांति फैलाने का पाकिस्तान का मंसूबा कोई नया नहीं है। उरी में आतंकी भेजकर भारत की सेना के 20 जवानों को शहीद करके आज पाकिस्तान खुश हो रहा होगा, लेकिन ऐसा तो मोहम्मद अली जिन्ना के जमाने से चला आ रहा है और कश्मीर अभी भी भारत का अभिन्न अंग बना हुआ है।
यह बात तब की है जब पाकिस्तान आजाद हुआ ही था। 24 अगस्त 1947 को जिन्ना ने अपने अंग्रेज सैन्य सचिव से कहा था कि उनके कश्मीर में छुट्टियां मनाने का बंदोबस्त किया जाए। अंग्रेज अफसर कश्मीर के राजा हरीसिंह से मिला। राजा ने दो टूक शब्दों में कहा दिया कि जिन्ना को कश्मीर की धरती पर कदम भी नहीं रखने दिया जाएगा।
जिन्ना सकपका गए। क्योंकि अब तक तो जिन्ना ही नहीं, हर पाकिस्तानी मान कर बैठा था कि आज नहीं तो कल, कश्मीर पाकिस्तान में मिल ही जाना है। वहां मुस्लिम बहुल आबादी जो थी।
बहरहाल, जिन्ना ने आगे की टोह लेने के लिए अपना एक गुप्तचर हरीसिंह के पास भेजा। गुप्तचर लौटा तो भी वही बात, 'पाकिस्तन ने कश्मीर की तरफ आंख उठाकर देखा तो खैर नहीं।'
जिन्ना के साथ ही पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाकत अली खान चिंता में पड़ गए। इसके बाद लियाकत ने घुसपैठ की रणनीति बनाई। तब उत्तर-पश्चिम सीमांत के पठानों ने पाकिस्तान की नाक में दम कर रखा था। कराची में बैठे पाकिस्तान के शासकों को इनकी वफादारी पर ज्यादा भरोसा नहीं था। ये पठान लूट-खरोट करने में माहिर थे और पेशावर पर नजरें गढ़ाए थे।
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लियाकत अली ने इन पठानों पर बहकाया और कश्मीर में घुसपैठ करने के लिए राजी कर लिया। हथियारों का बंदोबस्त कर दिया गया। नियत दिन ट्रकों में भरकर इन्हें कश्मीर की ओर रवाना किया गया। लक्ष्य था कि सुबह सवेरे श्रीनगर पहुंचा जाए और हरीसिंह से बगावत कर चुके उनके मुस्लिम सैनिकों की मदद से तख्तापलट कर दिया जाए।
पठानों को कश्मीर से कोई लेना-देना नहीं था। हर पठान को सिर्फ अपनी चिंता थी। जहां भी मौका मिलता लूट-खसोट करने लगते। इसके चलते उन्हें श्रीनगर पहुंचने में देरी हो गई।
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इतने में हरीसिंह को संभलने का मौका मिल गया। उन्होंने भारत से मदद मांगी। तुरंत सेना श्रीनगर पहुंची और पठानों को श्रीनगर के बाहर घेर लिया।
कश्मीर हथियाने की यह खबर जैस ही जिन्ना तक पहुंची, वे झल्ला गए। बाद में और पठानों को भेजा गया। पाकिस्तानी सेना के जवान भी इनमें शामिल थे, लेकिन कश्मीर हासिल नहीं कर सके। यही सिलसिला आज भी चल रहा है।
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