
नई दिल्ली। खाद्य उत्पादों में मिलावट के मामलों को देखते हुए भारत के केंद्रीय खाद्य सुरक्षा नियत्रंक ने देशव्यापी चेतावनी जारी की है। उन्होंने सभी राज्यों को दूध, बोतलबंद पानी और खाद्य तेलों पर विशेष एहतियात एवं निगरानी बरतने को कहा है। भारत के खाद्य सुरक्षा एवं मानक गुणवत्ता आयोग (FSSAI) ने देशभर के सभी फूड सेफ्टी कमिश्नरों से इन विशेष खाद्य पदार्थों पर निरीक्षण गतिविधियां बढ़ाने की अपील की है।
केंद्रीय खाद्य नियत्रंक ने पूरे देश के फूड कमिश्नरों से इन खाद्य पदार्थों के अधिक से अधिक नमूने लेकर इनकी बड़े पैमाने पर जांच कराने की बात कही है। इसके साथ ही राज्य खाद्य सुरक्षा विभागों को ज्यादा पारदर्शी होकर अपनी निगरानी बढ़ाने को कहा गया है। खासतौर पर दूध, पानी और खाद्य तेलों पर नजर रखने को कहा गया है।
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सूत्रों के अनुसार, विभिन्न तरह की लेबलिंग को बदलने और उन्हें नुकसान पहुंचाने वाले कृत्यों पर नजर रखने को कहा गया है। हाल ही में उत्तरप्रदेश में मदर डेयरी के प्लांट में दूध में डिजरजेंट पावडर की मिलावट की बात सामने आयी थी। हालांकि, मदर डेयरी के अधिकारियों ने इस आरोप को नकार दिया था। FSSAI ने फूड इंसपेक्टर्स को निर्देश दिया है कि ऐसे उत्पाद जो कि बड़ी जनसंख्या के लिए, बड़ी मात्रा में बनाए जाते हैं, उन पर खास निगरानी की जरुरत है।
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पिछले एक महीने में कई पैकेट बंद खाद्य उत्पाद जैसे इंस्टेंट नूडल्स, पास्ता और माइक्रोनी पहले से ही FSSAI की कड़ी निगरानी में है। नियामक ने मैगी को आदेश दिया है कि वह देशभर में नेस्ले की सभी नौ वैरिएंट वापस बुलाए क्योकि मैगी इंस्टेंट नूडल्स में तय मात्रा से काफी अधिक मोनो सोडियम ग्लूटामेट (एमएसजी) ओर लेड मिला था। इसके साथ ही कैलॉग्स और हाएंज को पत्र लिखकर उनके लेबलिंग पर सफाई मांगी है।