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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 05, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

VIDEO: गेमिंग है अगली महामारी, WHO भी हुआ अलर्ट

हालांकि, एजेंसी ने स्मार्टफोन या इंटरनेट एडिक्शन जैसी टेक्नोलॉजी से जुड़ी स्थितियों को सूचीबद्ध नहीं किया है।

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Publish Date: Fri, 05 Jan 2018 12:27:58 PM (IST)Updated Date: Tue, 09 Jan 2018 10:35:51 AM (IST)
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VIDEO: गेमिंग है अगली महामारी, WHO भी हुआ अलर्ट

मल्टीमीडिया डेस्क। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) अगले साल बीमारियों की अंतरराष्ट्रीय सूची में 'गेमिंग डिसऑर्डर' को भी शामिल करने जा रहा है। गेम की लत लगना वास्तव में एक मानसिक बीमारी है। माता-पिता को वीडियो गेम से चिपके रहने वाले अपने बच्चों पर नजर रखनी चाहिए।

एक दशक से अधिक समय तक कम्प्यूटर गेमिंग की निगरानी के बाद WHO ने फैसला किया है कि वह गेमिंग डिसऑर्डर को अपनी सूची में शामिल करेगा। डेली मेल की खबर के मुताबिक, डायग्नोस्टिक मैनुअल के मसौदे में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति अपने जीवन के हितों से ऊपर गेम खेलने को रखता है, तो वह गेमिंग डिसऑर्डर का शिकार है।


इस बीमारी के डायग्नोस होने की पुष्टि से एक साल पहले तक व्यक्ति के अनहेल्थी बिहेवियर कम से कम एक साल तक जारी रखना होगा। WHO का कहना है कि वीडियो गेमिंग डिसॉर्डर से कहीं ज्यादा व्यापक है गेमिंग डिसऑर्डर।

WHO के डिपार्टमेंट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड सब्सटेंस एब्यूस के व्लादिमीर पॉज्नैक ने कहा कि स्वास्थ्य पेशेवरों को यह समझना होगा कि गेमिंग डिसऑर्डर के गंभीर नतीजे हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि ज्यादातर लोग वीडियो गेम खेलते हैं, लेकिन वे किसी डिसऑर्डर का शिकार नहीं होते हैं।

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वैसे ही जैसे अधिकांश लोग शराब पीते हैं, लेकिन उन्हें भी कोई डिसऑर्डर नहीं होता है। हालांकि, कुछ खास परिस्थितियों में जरूरत से ज्यादा गेमिंग का प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

इसके अलावा, मसौदे में गेमिंग डिसऑर्डर एंट्री नाम से शब्द को भी शामिल किया गया है। इसके तहत पीड़ित व्यक्ति तब भी खेल खेलना जारी रखता है, जब कि वह गंभीर समस्याओं या निगेटिव कॉन्सीक्वेंसेस की ओर बढ़ रहा होता है।

हालांकि, एजेंसी ने स्मार्टफोन या इंटरनेट एडिक्शन जैसी टेक्नोलॉजी से जुड़ी स्थितियों को सूचीबद्ध नहीं किया है। कारण, इसके बारे में साक्ष्य की कमी है कि क्या ये "वास्तविक विकार" हैं भी या नहीं।

पिछले साल, यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के इंटरनेट इंस्टीट्यूट के शोधकर्ता ने वीडियो गेम खेलने के आदी रहे लोगों का प्रतिशत जानने के लिए एक अध्ययन किया। यह अध्ययन अमेरिकन जर्नल ऑफ साइक्रेट्री में प्रकाशित किया गया।

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इसमें बताया गया कि यूके, यूएस, कनाडा और जर्मनी से भाग लेने वाले 19,000 पुरुषों और महिलाओं में से महज दो से तीन फीसद लोगों ने स्वीकार किया कि अमेरिकन साइक्रेट्रिक एसोसिएशन के हेल्थ सिम्पटम्स की चेकलिस्ट में से उन्होंने पांच या इससे अधिक लक्षणों का अनुभव किया।

यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड में अध्ययन के प्रमुख लेखक डॉ. एंड्रयू प्रेजब्लास्की ने कहा कि यह एक बड़े पैमाने पर किए गए प्रोजेक्ट के पहले निष्कर्ष हैं, जो 'इंटरनेट गेमिंग डिसऑर्डर' की संभावित नई समस्या के बारे में सबूत उपलब्ध कराते हैं।

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