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'दुनिया के लिए कुछ ही घंटों में आएगी अच्छी खबर...', दिल्ली से अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो ने दिया बड़ा संकेत

दिल्ली में मौजूद रूबियो ने इसे दुनिया के लिए 'अच्छी खबर' बताते हुए ईरान के साथ किसी संभावित समझौते की ओर इशारा किया।

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sun, 24 May 2026 05:56:37 PM (IST)Updated Date: Sun, 24 May 2026 05:56:37 PM (IST)
'दुनिया के लिए कुछ ही घंटों में आएगी अच्छी खबर...', दिल्ली से अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो ने दिया बड़ा संकेत
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो।

HighLights

  1. भारत-अमेरिका रणनीतिक वार्ता में गूंजा वैश्विक संकट
  2. जयशंकर और मार्को रूबियो के बीच द्विपक्षीय मंथन
  3. क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और व्यापार पर बड़ा फैसला

डिजिटल डेस्क। भारत और अमेरिका के बीच कूटनीतिक रिश्तों को एक नई दिशा और विधिक स्थिरता देने के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने रविवार (24 मई 2026) को नई दिल्ली में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ एक उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों वैश्विक नेताओं के बीच हुई इस कूटनीतिक मुलाकात में मुख्य रूप से ऊर्जा सुरक्षा, द्विपक्षीय व्यापार, रणनीतिक निवेश, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी (महत्वपूर्ण तकनीक) और लोगों के बीच आपसी संपर्कों (People-to-People ties) को नए विधिक ढांचे में ढालने पर विशेष जोर दिया गया।

सूत्रों के अनुसार, यह बैठक भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक सहयोग के फलक को और अधिक व्यापक बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। अपने भारत दौरे के कूटनीतिक प्रोटोकॉल के तहत मार्को रूबियो सोमवार को आगरा और जयपुर का दौरा करेंगे, जिसके बाद मंगलवार सुबह वह पुनः राष्ट्रीय राजधानी लौटकर क्वाड (Quad) देशों के विदेश मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक में विधिक रूप से सम्मिलित होंगे।


ट्रंप के बयान के बाद स्टेटमेंट

मार्को रूबियो ने कहा कि अमेरिका-ईरान संघर्ष को लेकर कुछ ही घंटों में कोई घोषणा होने की संभावना है। दिल्ली में मौजूद रूबियो ने इसे दुनिया के लिए 'अच्छी खबर' बताते हुए ईरान के साथ किसी संभावित समझौते की ओर इशारा किया। उनका यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस स्टेटमेंट के कुछ ही घंटों बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वॉशिंगटन 60 दिनों के लिए संघर्ष-विराम (सीजफायर) बढ़ाने के करीब है, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना भी शामिल है।

वैश्विक चुनौतियों का साझा समाधान- मार्को रूबियो

द्विपक्षीय वार्ता के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने वैश्विक भू-राजनीति (Geopolitics) में भारत की कूटनीतिक स्थिति को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा:

भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका के सबसे महत्वपूर्ण और विश्वसनीय रणनीतिक साझेदारों में से एक है। दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र होने के नाते हमारे साझा लोकतांत्रिक मूल्य ही दोनों देशों के विधिक और कूटनीतिक संबंधों को एक मजबूत आधार प्रदान करते हैं।

रणनीतिक साझेदारी को परिभाषित करते हुए रूबियो ने स्पष्ट किया कि यह केवल पारंपरिक कूटनीतिक संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दो संप्रभु राष्ट्रों के पारस्परिक हितों का वह ताना-बाना है, जिसके माध्यम से दोनों देश मिलकर समकालीन वैश्विक चुनौतियों का विधिक व तार्किक समाधान तलाशते हैं।

साझा राष्ट्रीय हित और वैश्विक मोर्चे: एस. जयशंकर

भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री के वक्तव्य का विधिक समर्थन करते हुए कहा कि भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी पूरी तरह से दोनों देशों के साझा राष्ट्रीय हितों पर टिकी हुई है। उन्होंने जानकारी दी कि इस दौरे के अंतर्गत माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मार्को रूबियो की मुलाकात में कई क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर गहन विधिक विमर्श हुआ है।

यह भी पढ़ें- सरहद पार पहुंचा 'कॉकरोच आंदोलन', पाकिस्तान में भी बनी Cockroach Party, सोशल मीडिया पर छिड़ा डिजिटल युद्ध

जयशंकर ने बैठक के मुख्य बिन्दुओं को साझा करते हुए बताया:

  • क्षेत्रीय सुरक्षा: वार्ता के दौरान पश्चिम एशिया (West Asia), भारतीय उपमहाद्वीप और पूर्वी एशिया के रणनीतिक हालातों की समीक्षा की गई।
  • वैश्विक संघर्ष: यूक्रेन संघर्ष और उसके वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) पर पड़ रहे विधिक प्रभावों पर दोनों देशों ने अपने दृष्टिकोण साझा किए।
  • निरंतर संवाद: अमेरिकी विदेश मंत्री का पदभार संभालने के पहले ही दिन से दोनों नेताओं के बीच लगातार कूटनीतिक संपर्क बना हुआ है, जिसने पिछले कुछ समय की कथित कड़वाहट को दूर कर द्विपक्षीय संबंधों को एक नई गति प्रदान की है।