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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 31, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Gyanvapi Case: वाराणसी ज्ञानवापी केस में अब तक का सबसे बड़ा फैसला, हिंदू पक्ष को व्यास तहखाने में मिला पूजा का अधिकार

जिला प्रशासन को 7 दिन के अंदर यहां पूजा पाठ की व्यवस्था करने का आदेश दिया है।

By Arvind DubeyEdited By: Arvind Dubey
Publish Date: Wed, 31 Jan 2024 03:16:41 PM (IST)Updated Date: Wed, 31 Jan 2024 03:30:14 PM (IST)
Gyanvapi Case: वाराणसी ज्ञानवापी केस में अब तक का सबसे बड़ा फैसला, हिंदू पक्ष को व्यास तहखाने में मिला पूजा का अधिकार
1993 तक यहां पूजा होती थी, लेकिन तत्कालीन मुलायम सिंह सरकार ने रोक लगवा दी थी।

एजेंसी, वाराणसी। ज्ञानवापी केस में वाराणसी की जिला अदालत ने अब तक का सबसे बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने व्यास तहखाने में हिंदू पक्ष को पूजा पाठ का आदेश दिया है। जिला प्रशासन को 7 दिन के अंदर यहां पूजा पाठ की व्यवस्था करने का आदेश दिया ह

ज्ञानवापी परिसर में दो तहखाने हैं। इसी के ऊपर ज्ञानवापी मस्जिद बनी है। एक तहखाना हिंदू पक्ष के पास था, जहां 1993 तक पूजा होती थी। लेकिन तत्कालीन मुलायम सिंह सरकार ने यहां पूजा बंद करवा दी।

अब हिंदू पक्ष ने याचिका दायर कर मांग की है कि यहां पूजा की अनुमति दी जाए। कोर्ट ने एक दिन पहले सुनवाई पूरी करते हुए व्यास तहखाना कलेक्टर के सुपुर्द करने को कहा था। आज पूजा की अनुमति भी दे दी। कोर्ट के आदेश के मुताबिक यहां नियमित पूजा होगी।


मुस्लिम पक्ष इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाएगा।

जानें क्या है व्यास तहखाना

ज्ञानवापी परिसर में नंदी भगवान के ठीक सामने व्यास परिवार का तहखाना है। हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन के मुताबिक, साल 1993 तक यहां पूजा होती थी, लेकिन नवंबर 1993 में अवैधानिक रूप में मुलायम सरकार की ओर से यहां पूजा पर पाबंदी लगा दी गई थी।