Hanuman Chalisa Row: अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा (Navneet Rana) और उनके विधायक पति रवि राणा (Ravi Rana) को कोर्ट से आज भी झटका लगा है। सेशन कोर्ट से राणा दंपती को राहत नहीं मिली है। इन्हें फिलहाल 29 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में रहना होगा। राणा दंपति को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के घर मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने के मामले में विभिन्न आरोपों के तहत गिरफ्तार किया गया है।
दोनों ने राजद्रोह की याचिका खारिज करने और जमानत देने की मांग को लेकर याचिका दायर की थी। इस पर मुंबई के सेशन कोर्ट में अब 29 अप्रैल को सुनवाई होगी।
इससे पहले सोमवार को बॉम्बे हाई कोर्ट ने नवनीत राणा और रवि राणा की तरफ से दायर रिट याचिका को खारिज कर दिया था। याचिका में उन्होंने IPC की धारा 353 के तहत दर्ज दो FIR में से एक को रद्द करने का अनुरोध किया था। कोर्ट ने उनकी मांग ठुकरा दी लेकिन इसके साथ ही कहा कि अगर पुलिस दूसरी FIR के आधार पर राणा दंपति को गिरफ्तार करने या उनके खिलाफ कोई अन्य दंडात्मक कार्रवाई करने का फैसला करती है, तो उन्हें 72 घंटे का पूर्व नोटिस देना होगा।
मुंबई की खार पुलिस ने इनके खिलाफ विभिन्न धर्मों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने के आरोप में 23 अप्रैल को पहली FIR दर्ज की थी। बाद में इस FIR में राजद्रोह का आरोप भी जोड़ दिया गया था। इसके बाद 24 अप्रैल को एक लोक सेवक को ड्यूटी करने से रोकने के आरोप में राणा दंपति के खिलाफ IPC की धारा 353 के तहत दूसरी FIR भी दर्ज की गई। राणा दंपती फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
क्या था मामला?
नवनीत राणा और रवि राणा ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के घर मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने की घोषणा की थी। इस घोषणा के बाद मुंबई में काफी बवाल हो गया। शिवसैनिकों ने राणा दंपति के घर के बाहर प्रदर्शन किया। वैसे, शनिवार को रवि राणा ने इस योजना को रद्द करने की घोषणा की थी, लेकिन इसके बावजूद शनिवार शाम मुंबई पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। रविवार को मुंबई की अदालत ने राणा दंपति को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।