नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना के पायलट अभिनंदन को लेकर कुछ रोचक खुलासे हुए हैं। खबर है कि वाघा बॉर्डर से लौटते वक्त अभिनंदन ने जो कपड़े पहन रखे थे, वे पाकिस्तान ने सरकार ने दिए थे। मालूम हो, अभिनंदन जब पीओके में पैराशूट से गिरे थे, तब उन्होंने भारतीय वायुसेना की वर्दी पहन रखी थी। हालांकि पाकिस्तान ने अभिनंदन की पिस्टल नहीं लौटाई।
जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान ने भारतीय पायलट का पूरा सामान वापस नहीं किया। अभिनंदन की घड़ी, मोजे और चश्मा तो लौटा दिया, लेकिन उनकी पिस्टल, मैप और सर्वाइवल किट को वापस नहीं किया।
मालूम हो, पाकिस्तान की गिरफ्त में 59 घंटे बिताने के बाद विंग कमांडर अभिनंदन शुक्रवार की रात करीब 9 बजे भारत वापस लौट आए थे। वाघा-अटारी सीमा से भारत आने के बाद उन्हें वायुसेना के अधिकारी सीधे नई दिल्ली ले गए थे, जहां उनके कई मेडिकल टेस्ट किए जा रहे हैं। अभिनंदन ने कहा है कि वह ठीक हैं और जल्द ही ड्यूटी ज्वाइन करेंगे।
इस जांबाज पायलट की देश में वापसी के लिए पूरा देश पलकें बिछाए बैठा था। हर कोई सोशल मीडिया में बहादुर पायलट की तारीफ कर रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी शनिवार को विज्ञान भवन कार्यक्रम में एयरफोर्स के पायलट विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान की जमकर तारीफ की।
उन्होंने अभिनंदन की वतन वापसी के बाद कहा कि भारत में ताकत है कि वह डिक्शनरी में शब्दों के अर्थ बदल सकता है। पीएम ने कहा, 'पहले अभिनंदन का अर्थ कॉन्ग्रेचुलेशन होता था, लेकिन आज इस शब्द का अर्थ बदल गया है।' मोदी ने कहा कि यह नया भारत है, जिसकी ताकत कुछ और ही है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान जो भी करेगा, दुनिया उसे गौर से देखती है।
बताते चलें कि पुलवामा में 14 फरवरी को 40 जवानों के शहीद होने का बदला लेने के लिए वायुसेना ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए जैश के आतंकी अड्डे तबाह किए थे। उसके जवाब में पाक वायुसेना ने 27 फरवरी को एफ-16 लड़ाकू विमान से जम्मू-कश्मीर में भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला किया था।
विंग कमांडर अभिनंदन ने पाकिस्तानी वायुसेना के विमानों को खदेड़ा और एक एफ-16 को मार गिराया था। इस दौरान उनका मिग-21 क्रैश होने के कारण वह विमान से कूद गए थे, लेकिन वह इलाका पाक अधिकृत कश्मीर का था। जांबाज अभिनंदन को पाकिस्तानी सेना ने गिरफ्तार कर लिया था। मगर, भारतीय कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण पाकिस्तान को विंग कमांडर को रिहा करना पड़ा।