
नई दिल्ली। INX Media Case में आरोपी पी चिदंबरम को बुधवार को भी हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने चिदंबरम की हिरासत 11 दिसंबर तक बढ़ा दी है। पूर्व वित्तमंत्री को जेल गए 98 दिन गुजर चुके हैं। प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) के तर्कों को सुनने के बाद कोर्ट ने पी चिदंबरम की जमानत याचिका एक बार फिर रद्द कर दी। इससे चिदंबरम की मुश्किल और बढ़ गई है। ED ने हाईकोर्ट के सामने तर्क देते हुए कहा था कि अगर पूर्व वित्तमंत्री को जमानत मिल जाती है तो वह सबूतों को नष्ट कर सकते हैं। इसके साथ ही वह गवाहों को भी प्रभावित कर सकते हैं। सुनवाई के दौरान चिदंबरम की तरफ से उनके वकील कपिल सिब्बल ने पक्ष रखा था। जमानत रद्द होने के बाद सिब्बल ने कहा कि कोर्ट ने अपराध को गंभीर प्रकृति का मानते हुए जमानत रद्द की है।
Special court extends Congress leader P Chidambaram's judicial custody till 11 December in INX money laundering case. (file pic) pic.twitter.com/5GSWmLMhGi
— ANI (@ANI) November 27, 2019
चिदंबरम ने पूछा, क्या मैं रंगा-बिल्ला हूं?
INX Media कंपनी के जरिये हुए भ्रष्टाचार के मामले में ED ने तत्कालीन वित्त मंत्री रहे पी चिदंबरम को भी आरोपी बनाया है। इसी मामले में फिलहाल पी चिदंबरम जेल में हैं। कई बार जमानत याचिकाएं लगाने के बावजूद कोर्ट से उन्हें राहत नहीं मिली है। जमानत के लिए दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान चिदंबरम की ओर से कपिल सिब्बल ने जस्टिस आर. बनुमाथी की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने पूर्व वित्तमंत्री का पक्ष रखते हुए पूछा कि 'कोर्ट ने जब इस अपराध की गंभीरता को स्वीकार कर लिया है तो मुझे कभी जमानत नहीं मिलेगी? यह ऐसा है जैसे कि मैं कोई रंगा- बिल्ला हूं। अगर मुझे जमानत नहीं दी जाती है तो देश को गलत संदेश जाएगा।'
बता दें कि रंगा-बिल्ला मुंबई के दो कुख्यात अपराधी थे जो आर्थर रोड जेल से छूटकर दिल्ली आ गए थे। दोनों ने दो नाबालिगों का अपहरण किया था। इसके बाद अगस्त 1978 में उनकी हत्या कर दी थी। दोनों नाबालिग रेडियो प्रोग्राम के लिए ऑल इंडिया रेडियो बिल्डिंग जा रहे थे। उस दौरान बदमाशों ने वारदात की थी।