
डिजिटल डेस्क, जम्मू। जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन ने एक नया माइलस्टोन हासिल किया है। पहली बार इस ट्रेन ने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज चिनाब ब्रिज को 100 Kmph की स्पीड से पार किया है। ट्रेन ने इसी स्पीड से अंजी ब्रिज को भी क्रॉस किया। ये दोनों ब्रिज USBRL यानी उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा हैं।
चिनाब रेल ब्रिज नदी के तल से 359 मीटर ऊपर बना है, जो एफिल टॉवर से 35 मीटर ज्यादा ऊंचा है। इसकी लंबाई 1,315 मीटर है। इस विशाल स्टील आर्च ब्रिज को क्षेत्र के कठिन टेरेन और एक्सट्रीम मौसम को झेलने के लिए बनाया गया है। यह 260 Kmph तक की हवा की स्पीड को सह सकता है और इसकी डिजाइन लाइफ 120 साल रखी गई है।
जम्मू शहर से करीब 80 किमी दूर स्थित अंजी ब्रिज भी इस रूट का बड़ा स्ट्रक्चर है। यह कटरा-बनिहाल सेक्शन को जोड़ता है और चिनाब के दक्षिण में अंजी नदी घाटी में बना है।
अंजी ब्रिज भारत का पहला केबल-स्टेड रेलवे ब्रिज है। यह नदी के तल से 331 मीटर ऊपर है और 725 मीटर लंबा है। इसे 96 हाई-टेंसाइल केबल्स से सपोर्ट दिया गया है। इसका इनवर्टेड Y-शेप का पायलॉन अपनी नींव से 193 मीटर ऊंचा है। इसके निर्माण में 653 किमी लंबी केबल स्ट्रैंड्स का इस्तेमाल हुआ है।
100 km/h over India’s engineering pride! 🇮🇳 pic.twitter.com/4GlR5QJTva
— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) October 2, 2026
स्पीड बढ़ाने का ये सफल ट्रायल वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 26401/26404 के जरिए किया गया। ये टेस्ट 2 अक्टूबर को हुआ, जब 111 किमी लंबे श्री माता वैष्णो देवी कटरा-बनिहाल सेक्शन की मैक्सिमम परमिसिबल स्पीड को 75 Kmph से बढ़ाकर 100 Kmph कर दिया गया। इस स्पीड बढ़ोतरी से कटरा-बनिहाल सेक्शन में ट्रेन ऑपरेशन और स्मूद होंगे और ट्रैवल टाइम भी कम होगा।
फिलहाल 266 किमी लंबे कॉरिडोर पर वंदे भारत की दो जोड़ी सेवाएं चल रही हैं। शुरुआत में इस सेवा में 8 कोच थे, लेकिन पैसेंजर्स की भारी डिमांड के चलते इस साल की शुरुआत में 16 कोच और जोड़े गए, जिससे अब कुल कोच की संख्या 20 हो गई है।