जोधपुर, 13 अप्रैल। योग गुरु बाबा रामदेव को बाड़मेर में हुए कार्यक्रम में धर्म विशेष पर टिप्पणी करने से जुड़े एक मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने आंशिक राहत देते हुए अनुसंधान अधिकारी के समक्ष पेश होने के निर्देश दिए हैं। मामला इसी वर्ष फरवरी माह की 2 तारीख का है, जहां बाड़मेर में एक धर्म सभा को संबोधित करते हुए योग गुरु बाबा रामदेव ने विवादित टिप्पणी की थी। इसके बाद चौहटन क्षेत्र के ही पठाई खान नामक युवक के द्वारा रामदेव के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया। अब राजस्थान हाई कोर्ट ने इस मामले में योग गुरु बाबा रामदेव की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए 20 मई तक या उससे पहले अनुसंधान अधिकारी के सामने पेश होने के आदेश दिए हैं।
योग गुरु बाबा रामदेव की ओर से धर्म विशेष को लेकर की गई विवादित टिप्पणी करने के मामले में बाड़मेर जिले के चौहाटन थाने में बाबा रामदेव के खिलाफ सौहार्द बिगाड़ने के प्रयास करने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना 2 फरवरी की है, जहाँ एक धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए योग गुरु रामदेव बाड़मेर आये थे। इस मामले में राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस मनोज कुमार गर्ग की बेंच में बाबा रामदेव की ओर से पेश विविध आपराधिक याचिका पर सुनवाई के बाद गिरफ्तारी पर रोक लगाई गई है। शिकायतकर्ता पठाई खान को नोटिस जारी करते हुए जुलाई 2023 तक जवाब तलब किया गया है।
बाबा रामदेव की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक राज बाजवा व उनके सहयोगी निशांक मदान ने पैरवी की। बाबा का पक्ष रखते हुए उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमा बेबुनियाद है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से मूल सिंह भाटी ने पक्ष रखते हुए पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे की जानकारी पेश की। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को 20 मई 2023 तक या उससे पहले अनुसंधान अधिकारी के समक्ष पेश होने के निर्देश दिए हैं। आप को बता दें कि चौहटन निवासी पठाई खान ने चौहटन पुलिस थाने में बाबा रामदेव के खिलाफ धारा 153 - ए , 295 - ए और 298 के तहत धार्मिक भावनाओं को भड़काने व धर्म विशेष पर आपत्तिजनक टिपण्णी करने की धाराओं मामला दर्ज कराया गया था।