
नई दिल्ली। कर्नाटक में भाजपा अपने दम पर सरकार बनाती नजर आ रही है। इस चुनाव को 2019 के लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल बताया जा रहा था और कहा जा रहा है कि भाजपा को यहां मिली कामयाबी ने नरेंद्र मोदी के दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने की राह आसान कर दी है। जानिए इसी से जुड़ी खास बातें-
- भाजपा की इस जीत का मतलब यह है कि देश में मोदी लहर कायम है। बीते महीनों विभिन्न राज्यों के उपचुनावों में मिली भाजपा की हार को हथियार बनाकर विपक्ष दल निशाना साध रहे थे कि अब जनता मोदी से नाखुश है, लेकिन ये आरोप निराधार साबित हुए।
- कांग्रेस का कमजोर होना 2019 में भाजपा के खिलाफ क्षेत्रीय दलों के साथ होने वाले गठबंधन को भी कमजोर करेगा। दरअसल, एक मजबूत राष्ट्रीय दल के रूप में कांग्रेस इस गठबंधन की अगुवाई करती है तो भाजपा को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन एक के बाद एक हार से कांग्रेस कमजोर हो रही है।
- ऐसे में क्षेत्रीय दल कांग्रेस नेतृत्व और उनकी नीतियों पर सवाल उठा सकते हैं। कोई दूसरा दल भाजपा विरोधी गठबंधन की अगुवाई करता है तो पीएम पद के लिए नेताओं की आपसी खींचतान असर खत्म कर देगी।
- इस जीत का फायदा भाजपा को इस साल होने वाले चार राज्यों के विधानसभा चुनावों में मिलेगा। इनमें शामिल हैं- मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मिजोरम।
- मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भाजपा की सरकारे हैं। राजस्थान को लेकर कहा जा रहा था कि वहां भाजपा के खिलाफ माहौल है, लेकिन कर्नाटक में भाजपा की जीत वहां भी असर डालेगी।
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