मल्टीमीडिया डेस्क। करतापुर कॉरिडोर के उद्घाटन की तैयाारियां शुरू हो गई हैं। भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 नवंबर को उद्घाटन करेंगे। भारत के लोग बिना वीजा के यहां जा सकेंगे। इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि वे यहां तक कैसे पहुंच सकते हैं। समझिए करतारपुर की लोकेशन और जानिए यहां तक कैसे पहुंचा जा सकता है -

पाकिस्तान स्थित करतारपुर के करतारपुर साहिब गुरुद्वारे में गुरु नानक देव जी की समाधि है। यह पाकिस्तान के पंजाब का हिस्सा है तो दूसरी ओर भारत के पंजाब में इससे बिल्कुल लगा हुआ डेरा बाबा नानक साहिब है। भारत से श्रद्धालुओं को करतारपुर साहिब गुरुद्वारे तक ले जाने के लिए दोनों देश मिलकर यह कॉरिडोर (गलियारा) बना रहे हैं। इन दोनों स्थानों के बीच महज 3-4 किमी दूरी है और बीच में रावी नहीं बहती है।

करतारपुर जाने के लिए सबसे पहले डेरा बाबा नानक साहिब पहुंचाना होगा। यह पंजाब के गुरदासपुर जिले में स्थित है। गुरदासपुर से इसकी दूरी महज 36 किमी है और सड़क के रास्ते एक घंटे के भी कम समय में यहां पहुंचा जा सकता है। देश के किसी भी हिस्से से रेल मार्ग से गुरदासपुर आसानी से पहुंचा जा सकता है। नजदीकी हवाई अड्डे अमृतसर के लिए विभिन्न शहरों से फ्लाइट उपलब्ध है। अमृतसर से महज डेढ़ घंटे का सड़क मार्ग लेकर गुरदारपुर पहुंचा जा सकता है।

डेरा बाबा नानक साहिब पहुंचने के बाद यात्रियों को विशेष बसों से करतारपुर रवाना किया जाएगा। अभी कॉरिडोर का काम चल रहा है और यह तय नहीं है कि किस पॉइंट से बसों का प्रवेश होगा, लेकिन यह जल्द ही तय कर लिया जाएगा।

अब तक तय हुई व्यवस्था के मुताबिक, करतापुर जाने के लिए श्रद्धालुओं को एक स्लिप लेनी होगी। यह स्लिप सिर्फ उसी दिन के लिए मान्य होगी और शाम तक श्रद्धालुओं को वापस भारत लौटने होगा। पाकिस्तान ने हर यात्री से फीस वसूलने का फैसला भी किया है। भारत के विरोध के बावजूद पाकिस्तान हर यात्री से 20 डॉलर (करीब 1400 रुपए) वसूलेगा। हर दिन 5000 यात्री जाएंगे यानी पाकिस्तान को हर महीने 72 लाख रुपए की कमाई होगी।

अभी इस तरह जाते हैं लोग

यूं तो डेरा बाबा नानक साहिब से करतारपुर साहिब महज चंद कदम दूर है। महज दूरबीन के दर्शन किए जा सकते हैं, लेकिन अभी लाहौर होते हुए जाना पड़ता है, जिसके लिए 120 किमी का सफर तय करना पड़ता है।

Posted By: Arvind Dubey