पठानकोट। कठुआ दुष्कर्म और हत्याकांड मामले में सोमवार को पठानकोट जिला एवं सत्र न्यायालय ने 7 में से 6 आरोपियों को दोषी ठहराया। सांझीराम, प्रवेश कुमार और दीपक खजूरिया को उम्र कैद हुई है, वहीं अन्य आरोपियों - सुरेंद्र कुमार, आनंद दत्ता, तिलक राज को 5-5 साल की कैद की सजा सुनाई गई है। एक आरोपी विशाल को बरी कर दिया गया है। विशाल इस जघन्य हत्याकांड के मुख्य आरोपी ग्राम प्रधान सांझीराम का बेटा है।

हालांकि 20 अप्रैल 2018 को नईदुनिया में प्रकाशित इस खबर में कठुआ जिला अस्पताल के दो डॉक्टरों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कहा गया था, 'कठुआ की बच्ची से नहीं हुआ था दुष्कर्म, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर्फ शरीर पर जख्म की बात।'

लेकिन यह जानकारियां शुरुआती रिपोर्ट्स के आधार पर दी गई थीं। इसके बाद जैसे-जैसे मामले में खुलासे हुए, आरोपितों के बारे में नई जानकारियां सामने आईं और कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई, नईदुनिया ने उन रिपोर्ट्स को भी प्रकाशित किया।

मसलन, 23 अप्रैल 2018 को www.naidunia.com ने बताया था कि सड़कों पर उतरकर कठुआ कांड के आरोपितों को कड़ी सजा देने की मांग को लेकर श्रीनगर में पथराव व हिंसक प्रदर्शन किया गया। वहीं 5 जुलाई 2018 को प्रकाशित किया था कि किस तरह आरोपी प्रवेश कुमार ने खुद को नाबालिग बताया था, लेकिन अदालत ने बोन टेस्ट करवाया, जिसमें वह बालिग निकला। आज कोर्ट ने अपने फैसले में प्रवेश को भी दोषी पाया है। अब इस खबर को आज के अदालती आदेश के मद्देनजर नए तथ्यों के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है।

इसके अलावा नईदुनिया अखबार ने भी यह बताया था कि 'बच्ची को मार दिया,सबूत जिंदा रह गए।'

इससे पहले 10 जून 2019 की सुबह कठुआ दुष्कर्म तथा हत्याकांड में पठानकोट की निचली अदालत ने 7 में से 6 आरोपियों को दोषी करार दिया था। कोर्ट के इस फैसले के बाद अभियोजन पक्ष के वकील मवीन फारूकी ने मीडिया को बताया कि कोर्ट ने आरोपी ग्राम प्रधान सांझी राम समेत 6 आरोपियों दीपक कुमार, प्रवेश कुमार, सुरेंद्र कुमार, आनंद दत्ता, तिलक राज को दोषी करार दिए गया।

आइए जानते हैं कठुआ मामले का घटनाक्रम

जनवरी 10, 2018 : ये वही दिन था, जब बकरवाल समुदाय की 8 साल की मासूम कठुआ में अपने घर के पास से गायब हो गई। वो घोड़ों को पास के तालाब में चराने के लिए लेकर गई थी। लेकिन फिर घर नहीं लौटी।

12 जनवरी, 2018 : बच्ची के गायब होने के बाद दो दिन बाद उसके पिता ने हीरानगर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।

17 जनवरी, 2018 : गायब होने के बाद सात दिन बाद मासूम बच्ची की लाश उसके घऱ से एक किलोमीटर दूर मिली। जिसके बाद कठुआ के जिला अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने उसका पोस्टमॉर्टम किया। जिसमें सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या की बात की पुष्टि हुई।

ये खबर सामने आते ही देश भर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। विपक्षी दलों ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा के बाहर वॉकआउट कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इस केस की जांच क्राइम ब्रांच को दी गई। इस मामले में तब नया मोड़ आ गया। जब 16 फरवरी को हिंदूवादी संगठनों ने आरोपियों के समर्थन में जम्मू में प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार पर उन्हें जानबूझकर फंसाने का आरोप लगाया।

इस मामले में एक मंदिर के पुजारी के भतीजे की गिरफ्तारी के बाद मामला और गरमा गया। इसके बाद आरोपियों के समर्थन में हिंदू एकता मंच ने एक मार्च, 2018 को एक रैली का आयोजन किया। जिसमें जम्मू-कश्मीर सरकार में भाजपा के कोटे से मंत्री बने चौधरी लाल सिंह और चंदर प्रकाश गंगा भी शामिल हुए। इतना ही नहीं कठुआ और जम्मू से भाजपा के विधायकों ने भी इस रैली में शामिल होकर आरोपियों को फंसाने की बात कही।

सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने 9 अप्रैल, 2018 में कोर्ट में 8 में से सात आरोपियों के खिलाफ चालान पेश कर दिया। जिसमें चार पुलिसकर्मियों पर सबूत मिटाने की बात लिखी गई थी। इसके अगले ही दिन पुलिस ने एक नाबालिग के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट में मौजूद वकीलों ने इस दौरान पुलिस का विरोध भी किया था। जिसके बाद पुलिस ने इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

इसके बाद जम्मू-कश्मीर सरकार के दो मंत्री, जो हिंदूवादी संगठन के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए उन्होंने इस्तीफा दे दिया। संयुक्त राष्ट्र में भी इस हत्याकांड की गूंज सुनाई दी थी और महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने बच्ची को न्याय देने की मांग की थी।

16 अप्रैल, 2018 को कठुआ के प्रिंसिपल सेंशन कोर्ट के जज के सामने इस केस की सुनवाई शुरू हुई। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा। जहां से सर्वोच्च न्यायलय ने इस केस को कठुआ से पंजाब के पठानकोट ट्रांसफऱ कर दिया और कैमरे के सामने इस केस की फास्ट-ट्रैक सुनवाई के निर्देश दिए। इसके बाद से ही पठानकोट में इस मामले की सुनवाई चल रही थी। ट्रायल के दौरान 114 गवाहों के बयान हुए। तीन जून को इस केस की सुनवाई पूरी हुई।

Posted By: Ajay Barve

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