
कोच्चि। केरल में गिरजाघरों की संख्या में वृद्धि का हवाला देते हुए साइरो-मालाबार कैथोलिक चर्च ने राज्य आबकारी विभाग से अपने संस्थान की वाइन की उत्पादन क्षमता बढ़ाने को मंजूरी देने की मांग की है।
वर्तमान में थ्रिक्काकारा में आर्कडिओसीज ऑफ एर्नाकुलम-अंगामाली को प्रति वर्ष 16,00 लीटर वाइन का उत्पादन करने की अनुमति है। चर्च अब इसे बढ़ाकर प्रति वर्ष 5,000 लीटर करना चाहता है।
साइरो-मालाबार चर्च के प्रवक्ता फादर पॉल थेलक्कट ने कहा कि प्रदेश में गिरजाघरों और उसके अनुनायियों की संख्या में वृद्धि हुई है। यही कारण है कि धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजनों के लिए वाइन की मात्रा में बढ़ोतरी की आवश्यकता है। वाइन को प्रसाद के रूप में दिया जाता है।
साल 1986 में जारी लाइसेंस के अनुसार, चर्च को प्रतिवर्ष 800 लीटर वाइन के उत्पादन की मंजूरी दी गई थी। वर्ष 1992 में इसे बढ़ाकर 16,00 लीटर कर किया गया था। प्रदेश में साइरो-मालाबार कैथोलिक के गिरजाघरों में होने वाले सामूहिक आयोजनों के दौरान थिक्काकारा में उत्पादित वाइन की आपूर्ति की जाती है।