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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 28, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Lockdown 5.0 : लॉकडाउन के पांचवें चरण को लेकर क्‍या चाहते हैं राज्‍य, जानिये कौन पाबंदी तो कौन ढील के पक्ष में

Lockdown 5.0 : कुछ राज्य लॉकडाउन को पांचवें चरण में ले जाने के पक्ष में हैं तो कुछ ने कहा है कि वे 31 मई के बाद केंद्र जो भी फैसला लेगा वे उसके साथ है...और पढ़ें

By Navodit SaktawatEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Thu, 28 May 2020 10:04:04 PM (IST)Updated Date: Thu, 28 May 2020 10:46:22 PM (IST)
Lockdown 5.0 : लॉकडाउन के पांचवें चरण को लेकर क्‍या चाहते हैं राज्‍य, जानिये कौन पाबंदी तो कौन ढील के पक्ष में

Lockdown 5.0 : लॉकडाउन का चौथा चरण 31 मई को पूरा होने जा रहा है। इसके बाद अटकलें फिर से शुरू हो गईं हैं कि लॉकडाउन का पांचवां चरण होगा या नहीं होगा। होगा तो उसका स्‍वरूप कैसा होगा। नियम क्‍या होंगे। राज्‍यों में कैसे अमल होगा। असल में, कोरोना संक्रमण अभी तेजी से फैल ही रहा है, इससे बच पाना बड़ी चुनौती बना हुआ है। अभी कई राज्‍य चाहते हैं कि लॉकडाउन का पांचवां चरण पूरी सख्‍ती से लागू हो तो कुछ राज्‍य चाहते हैं कि कुछ शर्तों व ढील के साथ लॉकडाउन का पांचवा चरण लागू हो। कुछ राज्य लॉकडाउन को पांचवें चरण में ले जाने के पक्ष में हैं तो कुछ ने कहा है कि वे 31 मई के बाद केंद्र जो भी फैसला लेगा वे उसके साथ हैं।

बंगाल और हिमाचल प्रदेश लॉकडाउन बढ़ाने के पक्ष में है तो उत्तराखंड कुछ रियायतों के साथ लॉकडाउन बढ़ाने के पक्ष में है। हिमाचल प्रदेश सरकार तो 30 जून तक लॉकडाउन और कर्फ्यू दोनों को बढ़ाने के पक्ष में है। वहीं पहले की तरह हरियाणा, पंजाब और झारखंड केंद्रीय दिशानिर्देश पर निर्भर रहेंगे।


बंगाल लॉकडाउन खत्म करने के पक्ष में नहीं : वर्तमान हालात में बंगाल की ममता सरकार फिलहाल लॉकडाउन खत्म करने के पक्ष में नहीं है। गुरुवार को केंद्रीय कैबिनेट सचिव राजीव गौबा के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में बंगाल के मुख्य सचिव राजीव सिन्हा ने कहा कि फिलहाल कोरोना वायरस रोकथाम के लिए जरूरी है कि राज्य में लोकल ट्रेनें नहीं चलाई जाए। अगर 31 मई को लॉकडाउन हटा लिया जाएगा तो इससे कोरोना का संक्रमण बढ़ सकता है।

हिमाचल चाहता है 30 जून तक लॉकडाउन : हिमाचल प्रदेश सरकार 30 जून तक लॉकडाउन और कर्फ्यू दोनों को बढ़ाने के पक्ष में है। हां, कुछ रियायतें अवश्य दी जाएंगी।

उत्तराखंड 1 जून से दे सकता है छूट : उत्तराखंड सरकार एक जून से लॉकडाउन को जारी रखने के पक्ष में है। हालांकि लॉकडाउन-5 में प्रदेश में लागू बंदिशों में कुछ और ढील मिल सकती है। खासतौर पर लोगों की अंतरजनपदीय आवाजाही को लेकर सरकार कुछ और रियायतें देने पर मंथन कर रही है। सरकारी महकमों के कामकाज में और तेजी लाई जा सकती है। सरकारी कामकाज को 100 फीसद क्षमता के साथ शुरू करने के लिए केंद्रीय दिशा निर्देश का इंतजार है।

छत्तीसगढ़ नहीं है सीमाएं खोलने के पक्ष में : छत्तीसगढ़ सरकार किसी भी स्थिति में अभी राज्य की सीमाएं खोलने और अंतरराज्यीय यात्री परिवहन सेवा शुरू करने के पक्ष में नहीं है। सरकार ने अंतरराज्यीय बस सेवाओं पर पहले ही अनिश्चितकाल के लिए रोक लगा रखी है। इसकी लिखित सूचना पड़ोसी राज्यों को भी दी गई है। हालांकि बस, टैक्सी और ऑटो रिक्शा को जिला और एक से दूसरे जिले में जाने की सशर्त छूट है। राज्य सरकार स्ट्रीट वेंडरों को कारोबार की छूट देने की तैयारी में है। कंटेनमेंट, रेड और ऑरेंज जोन में सरकार अतिआवश्यक सेवा और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के अतिरिक्त अन्य कोई रियायत नहीं देगी।

हरियाणा सरकार केंद्र का ही अनुसरण करेगी। यहां सुबह सात से लेकर शाम छह बजे तक दुकानें खोलने की छूट है। उद्योग धंधे शुरू हो चुके हैं और जन जीवन सामान्य हो रहा है।

पंजाब : पंजाब के अतिरिक्त गृह सचिव सतीश चंद्रा ने कहा है कि लॉकडाउन-5 को लेकर पंजाब केंद्र की सिफारिशों को ही लागू करेगा। कैबिनेट सचिव से जो चर्चा हुई उसमें फोकस केवल उन राज्यों पर था जहां पर केसों के दोगुना होने की रफ्तार बहुत ज्यादा है। पंजाब में केसों के दोगुना होने की रफ्तार 46 दिन है।

झारखंड : पूर्व में राज्य सरकार केंद्र के फैसले के साथ रही है। अभी तक जो संकेत हैं केंद्र जो भी फैसला लेगी राज्य सरकार उसके साथ रहेगी।