यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 13, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Love Jihad on Karva Chauth: यूपी के मुजफ्फरनगर में मुस्लिम मेहंदी आर्टिस्ट का विरोध, पढ़िए हिंदू महासभा ने क्या कहा
Love Jihad on Karva Chauth: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने 13 मेहंदी स्टॉल खोले हैं और अपने सदस्यों को यह सुनिश्चित करने का काम सौंपा है कि मुस्लिम पुरु...और पढ़ें
By Arvind DubeyEdited By: Arvind Dubey
Publish Date: Thu, 13 Oct 2022 12:49:33 PM (IST)Updated Date: Thu, 13 Oct 2022 12:49:33 PM (IST)

Love Jihad on Karva Chauth: देशभर में पूरे उत्साह के साथ करवा चौथ का त्योहार मनाया जा रहा है। सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा है। रात में चंद्रमा के दर्शन और पूजा के साथ व्रत खोला जाएगा। इस बीच, सजने-संवरने का क्रम जारी है। ताजा खबर यह है कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में मुस्लिम युवकों द्वारा हिंदू लड़कियों और महिलाओं को महंगी लगाए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। हिंदू महासभा का आरोप है कि मुस्लिम लड़के लव जिहाद की मानसिकता के साथ हिंदू महिलाओं को मेहंदी लगाते हैं।
खतौली से भाजपा विधायक विक्रम सैनी का भी कहा है कि मेहंदी की दुकानें खोलने वाले मुस्लिम युवकों की मंशा 'अलग' है और उनके दिमाग में 'लव जिहाद' है। बकौल सैनी, 'मुस्लिम युवा इस काम (मेहंदी) की आड़ में लव जिहाद करते हैं। ऐसे कई मामले सामने आए हैं। मेरा अनुरोध[हिंदू महिलाओं से है कि वे घर पर ही मेहंदी लगाएं या हमारे समुदाय के सदस्यों की दुकानों और ब्यूटी पार्लरों पर जाएं।'
विहिप ने लगाए मेहंदी स्टाल
इस बीच, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने 13 मेहंदी स्टॉल खोले हैं और अपने सदस्यों को यह सुनिश्चित करने का काम सौंपा है कि मुस्लिम पुरुष मेकअप कलाकार हिंदू महिलाओं को मेहंदी न लगाएं। यहां विहिप के कार्यकर्ता मेहंदी कलाकारों के आधार कार्ड की जांच भी कर रहे हैं।
हिंदू महासभा के सदस्य लोकेश सैनी के मुताबिक, यह कदम हमारी बहनों को 'लव जिहाद' का शिकार होने से बचाने के लिए है। हिंदू महिलाओं को उन स्टाल मालिकों के पास जाना चाहिए जो करवा चौथ के महत्व को समझते हैं।
2021 में मुजफ्फरनगर में मेहंदी रचाने के बहाने लव जिहाद को अंजाम देने का मामला सामने आया था। विवाद इतना बढ़ गया था कि एक समूह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई मुस्लिम हिंदू ग्राहक को मेंहदी न लगाए।