
नई दिल्ली। अर्थव्यवस्था की मौजूदा समस्या से लोगों को राहत पहुंचाने के काम में लगे वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने कहा कि बैंकों और एटीएम में गुरुवार तक हालात सामान्य हो जाने की उम्मीद है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 9 नवंबर से 12 नवंबर की सुबह तक देशभर के बैंकों में 1.67 लाख करोड़ का लेन-देन हो चुका है।
इनमें से 45,000 करोड़ रुपए की पुरानी करंसी अकेले एसबीआई में जमा कराई गई है। हालांकि, इसके बावजूद भी अभी लोगों को बैंकों और एटीएम से पैसा निकालने में परेशानी का समाना करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस मामले पर नजर रखे हैं। वह हर दो घंटे पर अधिकारियों से जानकारी ले रहे हैं।
जापान यात्रा के दौरान भी प्रधानमंत्री मोदी इस मामले पर लगातार अधिकारियों के संपर्क में थे और जानकारी लेते रहे। उन्हें डिटेल के साथ आंकड़े, किस तरह से लोग लाइन में लगकर पैसा निकाल रहे हैं और विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया के बारे में जापान यात्रा के दौरान जानकारी दी गई थी।
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अधिकारियों ने बताया कि केंद्र ऐसे कदम उठाने जा रहा है, जिनसे बैंक अगले चार दिनों में हालात को नियंत्रण में कर लेंगे। एक अधिकारी ने कहा कि बैंक अभी रोजाना करीब तीन करोड़ लोगों को सर्विस दे रहे हैं। इस हफ्ते वे चार से पांच करोड़ लोगों को सर्विस देंगे, जिससे अफरातफरी का माहौल खत्म हो जाएगा।
एक अधिकारी ने बताया कि विपक्षी दलों के विरोध के बावजूद इस मामले में सरकार कोई ढील नहीं देने जा रही है। प्रधानमंत्री इस मामले को लेकर गंभीर हैं और इससे पीछे हटने का सवाल ही नहीं है।
आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस ने सरकार के द्वारा की गई नोटबंदी को वापस लेने की मांग की है। उधर, कांग्रेसी नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने 2,000 के नोट जारी करने पर सवाल उठाया था।
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