
नोएडा। दुनिया की छठवीं सबसे ऊंची छोटी चो-यू पर चढ़ाई के लिए एडवांस बेस कैंप पर नोएडा के अर्जुन बाजपेयी पहुंच गए हैं। एडवांस बेस कैम्प 5650 मीटर की ऊंचाई पर है।
पर्वतारोही अर्जुन ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है कि एडवांस बेस कैंप पर अभी बर्फबारी हो रही है। मौसम साफ होने के बाद आगे के लिए चढ़ाई शुरू करेंगे। अर्जुन के साथ विभिन्न देशों के चार अन्य पर्वतारोही भी चो-यू फतह के लिए निकले हैं।
26906 फीट की ऊंचाई पर स्थित है चो-यू की चोटी। चो-यू चोटी पर चढ़ाई के लिए अर्जुन का यह दूसरा प्रयास होगा। इससे पहले वह 2012 में असफल प्रयास कर चुके हैं। अगर अर्जुन को यह सफलता मिलती है तो 8000 से अधिक ऊंची पांच चोटियों पर फतह करने वाले विश्व के सबसे उम्र के पर्वतारोही बन जाएंगे।
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अर्जुन हाल ही में माउंट मकालू की चोटी को फतह कर रिकॉर्ड बना चुके हैं। अब तक अर्जुन विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट सहित 8000 मीटर ऊंची तीन और चोटियों पर फतह कर चुके हैं।
इस अभियान में अर्जुन बिना ऑक्सीजन के शामिल होंगे। पहली बार किसी चोटी पर चढ़ाई में ऑक्सीजन का उपयोग नहीं होगा। अगर वह बिना ऑक्सीजन फतह करने में सफल होते हैं तो ऐसा करने वाले वह पहले भारतीय होंगे।

ओलंपिक की तैयारी के लिए घर में जिम
टोक्यो ओलंपिक 2020 में स्पोर्ट क्लाइंबिंग को शामिल किया गया है। इसे पर्वतारोहियों के लिए बड़ी खुशखबरी मानने वाले अर्जुन ने कहा कि मैं भी ओलंपिक में पदक जीतने की तैयारी कर रहा हूं। इसके लिए घर में जिम बनाकर रोजाना 10-12 घंटे फिटनेस पर ध्यान दे रहा हूं।
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मकालू फतह के साथ ही बनाया था विश्व रिकॉर्ड
माउंट मकालू फतह करने के साथ ही अर्जुन वाजपेयी ने विश्व रिकॉर्ड भी बना दिया था। अर्जुन दुनिया के पहले ऐसे पर्वतारोही बने थे, जिन्होंने सबसे कम उम्र में 8000 मीटर से ऊंची चार चोटियों को फतह कर लिया था। अर्जुन वाजपेयी इस समय 22 साल के हैं। इससे पहले भी अर्जुन ने मात्र 16 साल की उम्र में विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह कर रिकॉर्ड बनाया था।
14 चोटियों को फतह करने का है लक्ष्य
अर्जुन वाजपेयी अब विश्व की छठवीं सबसे ऊंची चोटी चोयू को फतह करने के लिए निकले हैं। उनका लक्ष्य विश्व की चौदह सबसे ऊंची चोटियों को फतह करने का है। अभी तक दुनिया भर में सिर्फ 28 लोगों ने 14 चोटियों को फतह किया है। इनमें भारत का कोई भी पर्वतारोही नहीं है।
अर्जुन वाजपेयी की उपलब्धि
जुनून व हौसले से लिखी इबारत
अर्जुन वाजपेयी वर्ष 2012 में चीन की चोयू चोटी की चढ़ाई कर रहे थे। उस दौरान खून जमा देने वाले बर्फीले तूफान की वजह से अर्जुन का बायां हाथ-पैर पैरालाइज हो गया था। किसी तरह उन्हें बचाया गया और दो माह तक एम्स में भर्ती रहे।

इसके बावजूद अर्जुन ने हौसला नहीं हारा और अगले ही साल माउंट मकालू को फतह करने निकल पड़े। लगातार तीन साल सफलता नहीं मिली पर अर्जुन ने हिम्मत नहीं हारी और अंतत: मकालू को फतह कर इबारत लिख दी।