नई दिल्ली। देश में मीटू कैंपेन का असर तेजी से नजर आने लगा है और एक के बाद एक कई मामले सामने आ रहे हैं। इस बीच दिल्ली के सांसद उदित राज ने मीटू कैंपेन को लेकर बड़ा बयान दिया है। भाजपा सांसद उदित राज ने मीटू कैंपेन के अलग पहलू पर सवाल उठाए हैं। आरोप लगाने वाली महिलाओं-युवतियों को लेकर सांसद उदित राज का कहना है कि पुरुष स्वभाव से 'ऐसे' ही होते हैं, लेकिन महिलाओं को भी क्लीन-चिट नहीं दी जा सकती है। इससे कई पुरुषों की जिंदगी बर्बाद हो जाती है।

उदित राज ने ट्वीट किया, ''#MeTo कैंपेन जरूरी है, लेकिन किसी व्यक्ति पर 10 साल बाद यौन शोषण का आरोप लगाने का क्या मतलब है? इतने सालों बाद ऐसे मामले की सत्यता की जांच कैसे हो सकेगा? जिस व्यक्ति पर झूठा आरोप लगा दिया जाएगा, उसकी छवि का कितना बड़ा नुकसान होगा ये सोचने वाली बात है। गलत प्रथा की शुरुआत है।'

एक अन्य ट्वीट में भाजपा नेता उदित राज ने लिखा है- 'यह कैसे संभव है कि कोई "लिव इन रिलेशन" में रहने वाली लड़की अपने पार्टनर पर कभी भी 'दुष्कर्म' का आरोप लगाकर उस व्यक्ति पर मुकदमा दर्ज करा दे, वो व्यक्ति जेल चला जाए। इस तरह की घटना आये दिन किसी न किसी के साथ हो रहा है। क्या ये अब ब्लैकमेलिंग के लिए नहीं इस्तेमाल हो रहा है?'

इससे पहले अगस्त, 2016 में उत्तर-पश्चिम दिल्ली से भाजपा के सांसद और पार्टी के बड़े दलित चेहरे उदित राज अपने एक नए बयान से चर्चा में आ गए थे। उस समय उदित राज ने बेहद अजीब सा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि मांस खाने से उसेन बोल्ट ने 9 ओलंपिक गोल्ड मेडल जीत लिए। उन्होंने उसेन बोल्ट को लेकर एक ऐसा ट्वीट किया था, जिसके बाद से वह विवादों में घिर गए थे। उन्होंने ट्वीट किया -'बोल्ट गरीब थे और ट्रेनर ने उन्हें दोनों बार मांस खाने की सलाह दी थी, जब उन्होंने ओलंपिक में 9 गोल्ड मेडल जीते।'

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