नीट पेपर लीक विरोध: छात्रों पर पुलिस की ज्यादती के आरोपों वाली याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार, 27 जुलाई को मामला लिस्ट किया गया
सुप्रीम कोर्ट 27 जुलाई को उन दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करेगा जिनमें नीट पेपर लीक (NEET paper leak) और परीक्षा में अन्य गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध कर रहे छात्रों पर पुलिस की ज्यादती का आरोप लगाया गया है।
Publish Date: Fri, 24 Jul 2026 04:43:22 PM (IST)Updated Date: Fri, 24 Jul 2026 04:44:47 PM (IST)
HighLights
- 'पुलिस छात्रों के खिलाफ बहुत ज्यादा बल का इस्तेमाल कर रही'
- हिंसा के संबंध में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई हैं
- छात्र कई राज्यों में पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट 27 जुलाई को उन दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करेगा जिनमें नीट पेपर लीक (NEET paper leak) और परीक्षा में अन्य गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध कर रहे छात्रों पर पुलिस की ज्यादती का आरोप लगाया गया है।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी.मोहना की बेंच ने इन जनहित याचिकाओं (PILs) पर सुनवाई करने पर सहमति जताई है।
पुलिस छात्रों के खिलाफ बहुत ज्यादा बल का इस्तेमाल कर रही
सीनियर वकील गोपाल शंकरनारायणन ने कहा, पुलिस छात्रों के खिलाफ बहुत ज्यादा बल का इस्तेमाल कर रही है। कोर्ट हमारे और पुलिस के बीच खड़ा है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से इन याचिकाओं को सुनवाई के लिए लिस्ट करने का आग्रह करते हुए कहा कि यह मामला जरूरी है क्योंकि ऐसा रोज हो रहा है।
हिंसा के संबंध में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई हैं
शंकरनारायणन ने बेंच को बताया कि देश भर में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के संबंध में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई हैं। उन्होंने कहा कि दोनों याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने नंबर भी दे दिया है। सीजेआई ने कहा कि याचिकाओं को 27 जुलाई को सुनवाई के लिए लिस्ट किया जाएगा।
छात्र कई राज्यों में पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे
छात्र कई राज्यों में पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। 20 जुलाई को दिल्ली में हुए मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प हुई। सुरक्षाकर्मियों ने संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। प्रदर्शनकारी नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
हाई कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा था
22 जुलाई को दिल्ली हाई कोर्ट ने 20 जुलाई को संसद तक हुए मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल के अत्यधिक इस्तेमाल का आरोप लगाने वाली दो अलग-अलग याचिकाओं पर केंद्र और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा था। हाई कोर्ट ने अधिकारियों को पुलिस कार्रवाई से संबंधित सभी जरूरी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश दिया था, जिसमें सीसीटीवी कैमरे की फुटेज और कोई भी वीडियोग्राफी शामिल है।