
देहरादून। देश में मैगी के विवाद के बाद अब आईटीसी के येप्पी नूडल्स पर खाद्य सुरक्षा विभाग की नजरें हैं। मैगी में तय मात्रा से अधिक एमएसजी (अजीनोमोटो) और लेड पाया गया था। इसके बाद देशभर में मैगी के खिलाफ शिकायतें मिलने लगीं और उत्तराखंड में इसे 90 दिनों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था।
उत्तराखंड खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने अब आईटीसी को एक नोटिस जारी किया है। इसमें पूछा गया है कि वह अपने उत्पाद को किस आधार पर पोषक होने का दावा करता है, स्पष्टीकरण दे। नोटिस शुक्रवार को जारी किया गया था। इसमें कोलकाता की कपंनी से खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि वह नोटिस मिलने के 15 दिनों के अंदर जवाब दे।
येप्पी (इसका मैजिक मसाला और क्लासिक मसाला वर्जन) सनफीस्ट के नाम से बेचा जाता है। हरिद्वार के कलियार में एक स्टोर से इसके सैंपल लिए गए थे और उन्हें जांच के लिए रुद्रपुर की फूड टेस्टिंग लैब में भेजा गया था। इसके बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कंपनी को नोटिस भेजा है।
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इस ऑपरेशन को अंजाम देने वाले खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन ने बताया कि आईटीसी को भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि वह न्यूट्रिएंट्स प्रोफाइल और लैब रिपोर्ट्स दे जिसके आधार पर वह दावा करती है कि उसके नूडल्स में एनर्जी, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, शुगर और कैल्शियम पाया जाता है।
सनफीस्ट के येप्पी नूडल्स (क्लासिक मसाला) के लेबल में प्रति 100 ग्राम में 465 कैलोरी, प्रोटीन 8.8, कार्बोहाइड्रेड 63 आदि लिखा होता है। जैन ने कंपनी से यह भी कहा है कि येप्पी में फ्लेवर इन्हेंसर (स्वाद बढ़ाने वाले) के वेजीटेरियन होने का सर्टिफिकेट भी दे। नोटिस में कंपनी को प्रमाणित लैब रिपोर्ट देने को कहा गया है, जो एफएसएसएआई से स्वीकृत हो।
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इसके अलावा वह कितनों दिनों तक खाने योग्य बनी रहती है, इसकी भी जानकारी देने को कहा गया है। पैक में लिखा होता है कि निर्माण की तारीख से नौ महीने तक खाने योग्य। रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में आईटीसी ने अपने येप्पी नूडल्स के पैक से 'नो एडेड एमएसजी' के दावे को हटा लिया है।