
नितिन प्रधान, नई दिल्ली। क्या अगले सप्ताह गुजरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति आतंकियों के निशाने पर थी? गुजरात के जिस पोरबंदर शहर के नजदीक मछुआरा नौका को उड़ाने की घटना हुई, कुछ दिनों बाद प्रधानमंत्री मोदी उसी शहर की यात्रा करने वाले थे।
गुजरात में इसी महीने 11 से 13 तारीख तक वाइब्रेंट गुजरात और प्रवासी भारतीय दिवस आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री के शिरकत करने की योजना है। मोदी अब पोरबंदर में नौसेना के कार्यक्रम में हिस्सा लेने नहीं जाएंगे।
प्रधानमंत्री की सुरक्षा के मद्देनजर एसपीजी की सलाह पर 12 जनवरी को होने वाला पीएम का दौरा रद कर दिया गया है। लेकिन कोस्ट गार्ड की इस कार्रवाई ने पिछले दिनों कुछ वेबसाइटों पर जिहाद से जुड़ी सामग्र्री पाए जाने के बाद उन पर रोक लगाने के सरकार के फैसले को सही साबित कर दिया है।
सूत्रों का कहना है कि कुछ वेबसाइटों पर तो गुजरात को लेकर जिहाद के संदेश भी सरकार की पकड़ में आए हैं। महाराष्ट्र के आतंक निरोधक दस्ते (एटीएस) ने ऐसी कई वेबसाइटों के दस्तावेज मुंबई की एक अदालत और केंद्र सरकार को उपलब्ध कराए हैं, जिनमें गुजरात में जिहाद से संबंधित सामग्र्री मिली है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल की तस्वीरों का भी आतंकियों ने अपने संदेशों में भरपूर इस्तेमाल किया है।
दूरसंचार विभाग ने पिछले साल नवंबर को ही ऐसी 32 वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगा दिया था। यह प्रतिबंध एटीएस के आग्रह और मुंबई की एक अदालत के आदेश के बाद लगाया गया। इधर खुफिया एजेंसियां भी लगातार गुजरात में आतंकी हमले की संभावना जताती रही हैं।
यही वजह है कि इस महीने होने वाले वाइब्रेंट गुजरात कार्यक्रम के भी आतंकियों के निशाने पर होने की आशंका जताई जा रही है।