#PalgharMobLynching : महाराष्‍ट्र के Palghar पालघर उन्‍मादी भीड़ द्वारा की गई साधुओं की नृशंस हत्‍या से देश भर में आक्रोश है। सोशल मीडिया पर आज यह मामला ट्रेंड कर रहा है और यूजर्स का गुस्‍सा उनके कमेंट्स में झलक रहा है। इस जघन्‍य घटना के दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग तो ही रही है, साथ ही महाराष्‍ट्र की सरकार पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में अभी तक 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है लेकिन आज यह देश भर में चर्चा का विषय बन गया है। देखिये सोशल मीडिया पर क्‍या माहौल है।

पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने बताया शर्मनाक

महाराष्ट्र के पालघर में दो साधुओं समेत तीन लोगों की हत्या को पूर्व भारतीय क्रिकेट इरफान पठान ने शर्मनाक करार दिया है। इरफान ने इस घटना को लेकर एक ट्वीट किया है और दुख जताया है। इरफान पठान ने लिखा, 'पालघर मॉब लिंचिंग की तस्वीरें देखकर बेहद दुख हुआ। काफी भयानक और बर्बर। शर्मनाक।'

#पालघर_के_गुनहगार

स्वामी वासुदेवानंद ने की सीबीआई जांच की मांग

श्री रामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य स्वामी वासुदेवानंद ने सीबीआई जांच की मांग की है। कहा है कि संतों की पुलिस की मौजूदगी में हत्या निंदनीय है। महाराष्ट्र सरकार दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करे नहीं तो लापरवाही उसके लिये घातक होगी। केंद्र सरकार से मांग की है कि इस घटना की सीबीआई जांच हो।

#PalgharMobLynching

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की है। इस बारे में जानकारी देते हुए योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट किया, पालघर,महाराष्ट्र में हुई जूना अखाड़ा के सन्तों स्वामी कल्पवृक्ष गिरि जी, स्वामी सुशील गिरि जी व उनके ड्राइवर नीलेश तेलगड़े जी की हत्या के सम्बन्ध में कल शाम महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री उद्धव ठाकरे जी से बात की और घटना के जिम्मेदार तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हेतु आग्रह किया।

मप्र के पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री गोपाल भार्गव जी के फेसबुक वॉल से

पालघर (महाराष्ट्र) में जूना अखाड़े के 2 वृद्ध साधुओं सहित उनके ड्राईवर की पुलिस की मौजूदगी में लाठी, डंडों से पीट-पीटकर गुण्डों द्वारा की गई निर्मम हत्या आजादी के बाद देश की सबसे शर्मनाक घटना है। ऐसा अंग्रेजों के शासन में भी कभी नही हुआ। घटना का वीडियो देखकर तो यही लगता है कि यह सारा कृत्य पुलिस संरक्षण में हुआ। दृश्य देखकर मैं भी स्तब्ध हूॅ।

यदि महाराष्ट्र सरकार में थोड़ी भी लाज शर्म बाकी है तो सरकार को फास्ट्रेक कोर्ट में मामला चलाकर समयसीमा में घटना को अंजाम देने वाले दरिन्दों को फांसी दिलाई जानी चाहिये। मॉब लिंचिंग की घटना पर चीखने चिल्लाने ओर अवार्ड वापिस करने वाले कथित एक्टिविस्टों की इस संबंध में अब तक कोई प्रतिक्रिया न आना ओर भी शर्मनाक है।

मेरी मान्यता है कि जाति, धर्म या संप्रदाय कोई भी हो, ऐसी घटनाओं में तय समय सीमा में दोषियों को फांसी होनी चाहिये।

रामचरित मानस में उल्लेख है कि :-

"विप्र धेनु सुर संत हित लीन्ह मनुज अवतार।

निज इच्छा निर्मित तनु माया गुन गो पार॥"

जय श्री राम।।

विप्र- ब्राह्मण, तपस्वी, ज्ञानीजन

धेनु- गौमाता या गाय,

सुर- सज्जन, देवी-देवता

संत- साधु

प्रभु ने इन सब के हित के लिए ही मनुष्य रूप धारण किया था।

अर्थात इनका अपमान करना प्रभु का अपमान करना है। अतः इससे बचें।

Posted By: Navodit Saktawat

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