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क्या पासपोर्ट है नागरिकता का सबूत? RTI इस्तेमाल को लेकर MEA और MHA की राय से हुआ खुलासा

देश में नागरिकता दस्तावेजों को लेकर चर्चा के बीच पासपोर्ट और RTI अधिकार का मुद्दा सामने आया है।

By Digital DeskEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Sun, 28 Jun 2026 11:37:47 AM (IST)Updated Date: Sun, 28 Jun 2026 11:37:47 AM (IST)
क्या पासपोर्ट है नागरिकता का सबूत? RTI इस्तेमाल को लेकर MEA और MHA की राय से हुआ खुलासा
जानिए पासपोर्ट और नागरिकता का पूरा कनेक्शन (AI Generated Image)

HighLights

  1. पासपोर्ट और नागरिकता को लेकर फिर छिड़ी बहस
  2. RTI इस्तेमाल के अधिकार पर सरकार ने किया विचार
  3. NRI को RTI अधिकार मिलने की बात सामने आई

डिजिटल डेस्क, नईदुनिया। देश में इन दिनों नागरिकता से जुड़े दस्तावेजों को लेकर चर्चा तेज है। इसी बीच एक सवाल सामने आया है कि क्या भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का पक्का प्रमाण होता है या यह सिर्फ विदेश यात्रा के लिए जारी किया जाने वाला दस्तावेज है।

इस मुद्दे पर साल 2010 में अलग-अलग मंत्रालयों के बीच चर्चा हुई थी। उस दौरान यह विचार किया गया था कि सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) का लाभ कौन-कौन उठा सकता है।

RTI आवेदन और नागरिक की परिभाषा पर हुई चर्चा

सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, विदेश मंत्रालय (MEA) और गृह मंत्रालय (MHA) के बीच RTI एक्ट के तहत नागरिक की परिभाषा को लेकर बातचीत हुई थी।

चर्चा में यह बात सामने आई कि विदेशों में रहने वाले भारतीय पासपोर्ट धारकों को RTI के तहत जानकारी मांगने के लिए नागरिक माना जा सकता है। यानी विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिक या NRI इस अधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं।


OCI और PIO को लेकर क्या कहा गया

मंत्रालयों की बातचीत में विदेश में रहने वाले भारतीय पासपोर्ट धारकों को भारतीय मूल के लोगों (PIOs) और भारत के विदेशी नागरिकों (OCIs) से अलग माना गया।

रिकॉर्ड के मुताबिक, OCI और PIO श्रेणी के लोगों को RTI एक्ट के तहत आवेदन करने का अधिकार नहीं माना गया। सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि नागरिक शब्द की परिभाषा में केवल भारतीय नागरिक शामिल होंगे।

अमेरिका में रहने वाले NRI की अर्जी के बाद हुआ विचार

RTI आवेदक की नागरिकता के मुद्दे पर सरकार ने तब विचार किया, जब अमेरिका में रहने वाले एक NRI ने इस संबंध में आवेदन किया था।

उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर विदेशों में रहने वाले भारतीयों की वोट देने और भारत के शासन में अपनी भागीदारी की इच्छा को मान्यता देने की मांग की थी। इसके बाद विभिन्न सरकारी विभागों के बीच RTI एक्ट में नागरिक की परिभाषा को लेकर बातचीत हुई।

OCI को शामिल करने की कोशिश का भी हुआ जिक्र

दस्तावेजों से यह भी सामने आया कि कुछ RTI आवेदकों ने सूचना का अधिकार कानून के तहत आवेदन करने के उद्देश्य से OCI (Overseas Citizen of India) को भारतीय नागरिक की परिभाषा में शामिल करने की कोशिश की थी।

हालांकि विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय की राय थी कि केवल भारतीय पासपोर्ट रखने वाले और विदेश में रहने या काम करने वाले लोग यानी NRI ही RTI एक्ट के तहत जानकारी मांग सकते हैं।

CIC ने अधिकारियों के साथ की बैठक

विदेशों में रहने वाले कुछ भारतीय RTI कार्यकर्ताओं को आवेदन करने में परेशानी आने के बाद उन्होंने सेंट्रल इन्फॉर्मेशन कमीशन (CIC) का रुख किया।

इसके बाद CIC ने प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अधिकारियों के साथ बैठकें कीं। सुनवाई के दौरान विदेश मंत्रालय ने कहा कि उनके अनुसार नागरिक शब्द में भारतीय पासपोर्ट रखने वाले विदेश में रहने वाले लोग शामिल हैं। MEA ने स्पष्ट किया कि OCI और PIO इस श्रेणी में शामिल नहीं हैं। वहीं OCI और PIO से जुड़े मामलों में गृह मंत्रालय नोडल मंत्रालय होने के कारण उसकी राय भी जरूरी मानी गई।