सार्वजनिक स्थान पर कृपाण व कड़ा रखने की मांगी अनुमति
दिल्ली हाई कोर्ट ने जनहित याचिका पर केंद्र व दिल्ली सरकार से मांगा जवाब - 27 मार्च 2019 तक जवाब दाखिल करने का दिया निर्देश
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Publish Date: Tue, 04 Dec 2018 09:01:17 PM (IST)
Updated Date: Tue, 04 Dec 2018 09:05:30 PM (IST)

नई दिल्ली। सार्वजनिक स्थानों पर सिखों को कृपाण व कड़ा रखने की अनुमति की मांग के साथ दायर की गई जनहित याचिका पर हाई कोर्ट ने केंद्र व दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (डीएसजीएमसी) की याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति राजेंद्र मेनन व न्यायमूर्ति वीके राव की पीठ ने गृह मंत्रालय व दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर 27 मार्च 2019 तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
डीएसजीएमसी की तरफ से दाखिल की गई याचिका में कहा गया कि 15 अगस्त 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण सुनने के लिए पहुंचे एक 18 वर्षीय युवक को लाल किले में प्रवेश करने से इसलिए रोका गया, क्योंकि उसके पास कृपाण व कड़ा था। याचिका में हाई कोर्ट से यह निर्देश देने की मांग की गई कि कृपाण व कड़ा को सिख समुदाय की व्यक्तिगत पहचान माना जाए।
इसे संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत व्यक्ति का मौलिक अधिकार माना जाए। याचिका में कहा गया कि सिखों को कृपाण व कड़ा साथ रखने की अनुमति विमान में भी दी जाती है। केंद्र सरकार की तरफ से स्टैंडिंग काउंसिल रिपुदमन सिंह भारद्वाज ने नोटिस को स्वीकार करते हुए अगली तारीख तक जवाब दाखिल करने की बात कही।