पीएम मोदी का रूस के राष्ट्रपति पुतिन को अनोखा तोहफा, जानिए क्या है 2000 साल पुरानी 'तिरुक्कुरल' में खास
दिल्ली में आयोजित हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच भारत मंडपम में द्विपक्षीय...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 11 Sep 2026 06:13:41 PM (IST)Updated Date: Fri, 11 Sep 2026 06:30:39 PM (IST)
HighLights
- ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले भारत मंडपम में द्विपक्षीय बैठक
- 'तिरुक्कुरल' का रूसी भाषा में अनुवादित संस्करण भेंट किया
- पुस्तक देशों के सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करेगीः मोदी
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली में आयोजित हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच भारत मंडपम में द्विपक्षीय बैठक हुई। इस दौरान पीएम मोदी ने पुतिन को महान तमिल कवि, संत और दार्शनिक तिरुवल्लुवर द्वारा रचित प्राचीन ग्रंथ 'तिरुक्कुरल' का रूसी भाषा में अनुवादित संस्करण भेंट किया।
पुस्तक भेंट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संत तिरुवल्लुवर ने इस ग्रंथ में मानव जीवन के विभिन्न पहलुओं और मूल्यों को विस्तार से बताया है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक भारत और रूस के बीच आपसी जन-संपर्क बढ़ाने के साथ-साथ दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
2000 साल पुराना है 'तिरुक्कुरल'
रूसी राष्ट्रपति को पुस्तक भेंट करते हुए पीएम मोदी ने कहा, यह तमिल संत तिरुवल्लुवर की 2000 साल पहले लिखी किताब है, जो मानव जीवन के मूल्यों और उससे जुड़ी विशेषताओं पर आधारित है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि पुतिन के लिए विशेष रूप से इसका रूसी अनुवाद करवाया गया है।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह पुस्तक दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने और भारत-रूस के सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में काम करेगी।
2026 में प्रकाशित हुआ रूसी संस्करण
'तिरुक्कुरल' के इस संस्करण को केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान ने 2026 में प्रकाशित किया है। इसका रूसी भाषा में अनुवाद नायरा मकर्चयन ने किया है। इस संस्करण में मूल तमिल पाठ के छंदों का रूसी अनुवाद शामिल है।
क्या है 'तिरुक्कुरल'?
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'तिरुक्कुरल' तमिल संत, कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर की प्रसिद्ध रचना है। इसे क्लासिकल तमिल साहित्य की सबसे महत्वपूर्ण और लोकप्रिय कृतियों में से एक माना जाता है। इस प्राचीन ग्रंथ में नैतिकता, शासन, दोस्ती, न्याय और व्यक्तिगत आचरण जैसे मानव जीवन से जुड़े विभिन्न विषयों को शामिल किया गया है।
'तिरुक्कुरल' का कई भाषाओं में अनुवाद हो चुका है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पुतिन को भेंट किया गया 2026 का संस्करण इसी प्रसिद्ध ग्रंथ का रूसी भाषा में अनुवादित रूप है।