
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज 76वां जन्मदिन है और इस मौके पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम रखे गए हैं। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूरे देश में 'सेवा संकल्प अभियान' की शुरुआत की गई है, जो 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। यह विशेष अभियान प्रशासनिक व कार्यकारी भूमिकाओं में उनके 25 वर्षों के कार्यकाल को रेखांकित करता है।
1971 में मात्र 21 साल की उम्र में नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े और 1978 में पूर्णकालिक प्रचारक बने। 1987 में उन्होंने आधिकारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की। 1988 में उन्हें गुजरात भाजपा का संगठन महामंत्री नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने पार्टी संगठन को मजबूत करने में मुख्य भूमिका निभाई।
7 अक्टूबर 2001 को उन्होंने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनके नेतृत्व में राज्य में कई दूरगामी नीतियां लागू की गईं। इसमें 2001 के भीषण भूकंप के बाद पुनर्निर्माण को गति देने के लिए देश का पहला विशेष आपदा प्रबंधन कानून बनाया।
इसके अलावा ज्योतिग्राम योजना के तहत राज्य के सभी गांवों तक 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई। साथ ही वाइब्रेंट गुजरात समिट की भी शुरुआत हुई। साल 2003 से शुरू हुई इस पहल ने गुजरात को एक वैश्विक निवेश और बिजनेस हब के रूप में स्थापित किया।
उन्होंने सुजलाम सुफलाम योजना की भी शुरुआत की, जिसके तहत नहरों और चेक डैमों के नेटवर्क से राज्य के सूखाग्रस्त क्षेत्रों तक सिंचाई का पानी पहुंचाया गया। इसके अलावा 'कन्या केलवणी अभियान' से बालिका शिक्षा को बढ़ावा दिया। साथ ही, गिफ्ट सिटी (GIFT City), साबरमती रिवरफ्रंट और BRTS जैसी अत्याधुनिक परियोजनाओं की नींव भी रखी।
2014 के आम चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद 26 मई 2014 को उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। वर्तमान में वह बतौर प्रधानमंत्री अपना तीसरा कार्यकाल पूरा कर रहे हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। इन पर एक नजर डालते हैं।
जन-धन योजना: करोड़ों नागरिकों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़कर जीरो बैलेंस खाते खोले गए।
डिजिटल इंडिया व UPI: भारत को डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में विश्व का अग्रणी देश बनाया।
स्वच्छ भारत मिशन: देशव्यापी अभियान के तहत करोड़ों शौचालयों का निर्माण कर ग्रामीण स्वच्छता का परिदृश्य बदला।
आयुष्मान भारत एवं उज्ज्वला योजना: 5 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य सुरक्षा कवच और करोड़ों महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान किए गए।
PM-किसान सम्मान निधि: देश के करोड़ों किसानों के खातों में प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की सीधी वित्तीय सहायता।
जल जीवन मिशन: 15 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से शुद्ध जल पहुंचाया गया।
मेक इन इंडिया: रक्षा उत्पादन से लेकर सेमीकंडक्टर निर्माण तक भारत को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया।
वस्तु एवं सेवा कर (GST): 2016 में पुरानी मुद्रा का विमुद्रीकरण और 'एक देश, एक कर' की अवधारणा के तहत वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू किया गया।
अनुच्छेद 370 का खात्मा: अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35A को निरस्त कर पूर्ण संवैधानिक एकीकरण किया गया।
नागरिकता संशोधन कानून (CAA): पड़ोसी देशों के पीड़ित अल्पसंख्यक शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
राम मंदिर निर्माण: अयोध्या में भव्य श्री राम मंदिर का निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम: संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का कानून पारित किया गया।
COVID-19 प्रबंधन: स्वदेशी टीकों के निर्माण के साथ 220 करोड़ से अधिक मुफ्त वैक्सीन डोज का सफल टीकाकरण अभियान।
G20 और BRICS: 2023 में भारत की सफल G20 अध्यक्षता और BRICS के माध्यम से 'ग्लोबल साउथ' की आवाज को विश्व पटल पर मजबूती से रखा गया।
इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति: वंदे भारत, नमो भारत ट्रेनों की शुरुआत के साथ नेशनल हाईवे और डिफेंस कॉरिडोर्स का तेजी से विस्तार हुआ।