Video : बिहार के पूर्व CM डॉ. मिश्र के गार्ड ऑफ ऑनर में नहीं चली पुलिस की 22 में से एक भी राइफल
कोसी रेंज के डीआईजी सुरेश चौधरी ने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है।
By Shashank Shekhar Bajpai
Edited By: Shashank Shekhar Bajpai
Publish Date: Thu, 22 Aug 2019 08:52:20 AM (IST)
Updated Date: Thu, 22 Aug 2019 09:08:02 AM (IST)

सुपौल। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र का अंतिम संस्कार बुधवार को सुपौल में राजकीय सम्मान के साथ किया गया। सुपौल के गांव बलुआ बाजार में पूर्व मुख्यमंत्री का पार्थिव शरीर की अंत्येष्टि की गई। यहां उनके बड़े पुत्र संजीव मिश्र ने मुखाग्नि दी। हालांकि, इस दौरान बिहार पुलिस की फजीहत हो गई। दरअसल, जब डॉ. मिश्र को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जा रहा था, तब पुलिसकर्मियों की 22 में से एक की भी राइफल से गोली नहीं चली।
कोसी रेंज के डीआईजी सुरेश चौधरी ने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है। यह पता किया जा रहा है कि गार्ड ऑफ ऑनर के लिए लाई गई कार्टेज किस बैच की है और कब से इस्तेमाल नहीं हुई है। इसमें क्या परेशानी थी। दरअसल, सलामी देने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कार्टेज को ब्लैंक कार्टेज कहते हैं।
दरअसल, इसमें सिर्फ बारूद भरा होता है, जिससे फायर करने पर आवाज होती है और चिंगारी निकलती है। जबकि, ड्यूटी के दौरान लाइव कार्टेज इस्तेमाल की जाती है, जिसमें छर्रे होते हैं। ब्लैंक कार्टेज की सप्लाई पुलिस विभाग को अलग से की जाती है।
बिहार पुलिस को यह शर्मिंदगी उस वक्त उठानी पड़ी, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित राज्य के कई वरिष्ठ मंत्री भी वहां मौजूद थे। उनके जाते ही लोगों के बीच इसे लेकर तरह-तरह की चर्चा होने लगी।