यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 21, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक भवन के शिलान्यास के दौरान मोदी ने कही 10 बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को विज्ञान भवन में आंबेडकर राष्ट्रीय शिलान्यास समारोह में शिरकत की इस दौरान भारत माता की जय के नारे लगे।
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Publish Date: Mon, 21 Mar 2016 11:23:10 AM (IST)Updated Date: Mon, 21 Mar 2016 11:25:32 AM (IST)

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को विज्ञान भवन में आंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक भवन का शिलान्यास किया। इस दौरान भारत माता की जय के नारे लगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें अंबेडकर मेमोरियल के लिए साठ साल इंतजार करना पड़ा। संभवत: यह मेरे ही भाग्य में लिखा होगा। उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी ने इस मेमोरियल के लिए पहल की, लेकिन उनके बाद जिनकी सरकार आई, उनके दिल में अंबेडकर नहीं रहे।
मोदी ने कहा कि वह 14 अप्रैल 2018 को इस स्मारक का उद्घाटन करने आएंगे। आंबेडकर मोमोरियल लेक्चर देते हुए मोदी ने कहा कि यह स्मारक प्रेरणा स्थली होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आंबेडकर ने सामाजिक जुड़ाव का काम किया। मगर, उनका स्मारक बनाने में 60 साल लग गए।
प्रधानमंत्री मोदी ने सवाल उठाया कि आखिर बाबा साहेब अंबेडकर को मंत्री पद से इस्तीफा क्यों देना पड़ा था। बाबा साहेब ने हिंदू कोड बिल के समय महिलाओं के अधिकारों की बात की। मगर, उस समय की सरकार उतनी प्रगतिशील नहीं थी कि उनकी बातों को समझती और बाबा साहेब ने सरकार से इस्तीफा दे दिया।
- उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने देश को बांटने का काम किया। आंबेडकर हर अन्याय के खिलाफ थे। ऊंच-नीच जाति-पात सदियों की बीमारी है।
- उन्होंने कहा कि आंबेडकर को दलितों का मसीहा कहकर उन्हें सीमित न करें। आंबेडकर हर समाज के नेता थे, उन्हें दलितों का मसीहा बताना अपमान है।
- वह देश की महिलाओं को बराबरी का हक, संपत्ित का हक मिले। चाहें वह महिला गरीब घर की हो या बिरला के घर की। हर पीड़ितों की आवाज थे बाबा आंबेडकर।
- आंबेडकर औद्योगिकरण के समर्थक थे। बाबा साहब भारत का औद्योगिकरण करना चाहते थे। मगर, वह श्रम सुधारों की बात भी करते थे। श्रमिकों के हित में भी खड़े नजर आते थे।
- आज जो श्रमिकों के हित की बात करता है वह औघोगिकी करण के विरोध में खड़ा है। जो औघोगिकरण के पक्ष में है वह श्रमिकों के विरोध में है।
- मोदी ने कहा कि आरक्षण को लेकर झूठ फैलाया जा रहा है। दलितों से उनका आरक्षण कोई नहीं छीन सकता।आरक्षण विरोधी होने का भ्रम फैलाया जा रहा है। हमारे खिलाफ झूठ फैलाया जा रहा है। वाजपेयी की सरकार के वक्त भी आरक्षण पर झूठ फैलाया गया।
मोदी ने कहा कि कुछ लोगों को बुखार आता है, तो अनाप शनाप कहते हैं। कुछ लोग हमको देखना भी नहीं चाहते। आंबेडकर की सोच आज भी प्रासंगिक।
बाबा साहब आंबेडकर ने बहुत अपमान सहा लेकिन उनके मन में कभी कटुता नहीं रही। उन्होंने समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा। उन्होंने कभी बदले की भावना से कार्य नहीं किया। सवर्ण भी उनके थे और दलित भी।
उन्होंने कहा कि दुनिया मार्टिन लुथर किंग को जिस तरह से देखती है हम आंबेडकर को उससे कम नहीं देखते।
राजनीतिक एकीकरण का जो काम सरदार पटेल ने किया था, उसी तरह बाबा साहब ने सामाजिक एकता का एकीकरण किया।