
नई दिल्ली। पहली बार रेल बजट से पहले अपनी सेवा को बेहतर बनाने के लिए रेलवे ने आमजनों से ऑनलाइन सुझाव मांगे। लोगों ने भी जमकर उत्साह दिखाया और 16 हजार सुझाव रेलवे को भेज दिए। इनमें से कुछ तो रोचक थे लेकिन कुछ ऐसे सुझाव दिए गए, जिन्हें सुनकर आपका भी दिमाग चकरा जाएगा।
रेल भवन के एक अधिकारी ने बताया कि एक व्यक्ित ने सुझाव दिया कि रेलवे को टिकट पर पुश बटन सिस्टम लगाना चाहिए, जिससे मुसीबत की स्थिति में यात्री तत्काल ट्रेन में मौजूद रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स के जवानों से संपर्क कर सके। या अगले स्टेशन पर आरपीएफ के जवानों तक उसका संदेश पहुंच जाएं।
हमने इस विचार के बारे में अधिक स्पष्टता से समझने के लिए उससे संपर्क किया कि क्या ऐसा सिस्टम दुनिया में कहीं और भी है और उसे कैसे लगता है कि रेलवे इसे लागू कर सकता है। वह इसके बारे में कुछ नहीं बता पाया और बोला मैं थोड़ी देर में आपको इसके बारे में बताता हूं। तब से आज तक उसका जवाब नहीं मिला।
एक अन्य व्यक्ित ने सुझाव दिया कि रेलवे को मुनाबाओ रेलवे स्टेशन के पास अच्छी तरह शिक्षित और अच्छे दिखने वाले कर्मचारियों को तैनात करना चाहिए। इस स्टेशन से थार एक्सप्रेस पाकिस्तान जाती है और वहां से लौटती है। व्यक्ित का सुझाव था कि इससे हम पाकिस्तानियों से सुपीरियर दिखेंगे।
उसने यह भी सुझाव दिया कि मनाबाओ और बाड़मेर स्टेशन के बीच जमीन काफी सूखी और शुष्क है। ऐसे में रेलवे लाइन के दोनों ओर पेड़ लगाए जाने चाहिए ताकि पाकिस्तान से आने वाले यात्रियों पर फर्स्ट इंप्रेशन (पहला प्रभाव) अच्छा पड़े।
ये रहे अच्छे सुझाव
एक व्यक्ित ने सुझाव दिया कि जट ट्रेन चलती है, तो छत पर लगे चलने लगते हैं। क्यों न इन्हें टरबाइन से जोड़कर बिजली पैदा की जाए और उस बिजली का उपयोग कोच के अंदर किया जाए। इसी तरह एक दूसरे यात्री ने सुझाव दिया कि ट्रेन की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएं। काल्का-शिमला रेलवे में इस तरह का पायलट प्रोजेक्ट पहले से शुरू कर दिया गया है।
इस तरह के अच्छे सुझाव या तो इस बार रेल बजट में दिख सकते हैं या किसी न किसी चरण में शामिल हो सकते हैं। इसी तरह के एक सुझाव पर अमल करते हुए रेलवे 'योर अटेंशन प्लीज' या 'यात्री गण कृपया ध्यान दें' की घोषणा को बदल देगी। इसकी जगह 'यू आर वेलकम ऑन (स्टेशन का नाम)' एनाउंस किया जाएगा।
जिस व्यक्ित ने यह सुझाव दिया है, उसका तर्क है कि यात्री कई बार कोच के अंदर से यह पता नहीं कर पाते हैं कि ट्रेन किस स्टेशन पर खड़ी है। हमें लगता है कि यह अच्छा विचार है और इस पर कोई खास खर्च भी नहीं आएगा। इसे जल्द ही लागू किया जाएगा।