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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ratan Tata ने खुद किया झूठ का पर्दाफाश, जानिए क्या है शराब को आधार से लिंक करने वाला यह पूरा मामला

Ratan Tata बोले, मैंने नहीं कहा कि शराब खरीदारों के लिए सरकारी खाद्य सब्सिडी बंद कर दी जानी चाहिए।

By Arvind DubeyEdited By: Arvind Dubey
Publish Date: Sat, 04 Sep 2021 08:17:45 AM (IST)Updated Date: Sun, 05 Sep 2021 12:06:18 PM (IST)
Ratan Tata ने खुद किया झूठ का पर्दाफाश, जानिए क्या है शराब को आधार से लिंक करने वाला यह पूरा मामला

Ratan Tata: इंटरनेट मीडिया पर सूचनाओं की बाढ़ है, लेकिन इनमें से कई झूठी भी होती है। अब मशहूर उद्योगपति रतन टाटा (Ratan Tata) के नाम पर फेक न्यूज जारी की गई, जो वायरल भी हो गई। इसके बाद खुद Ratan Tata को सच सामने लाने के लिए आगे आना पड़ा। यह पूरा मामला है शराब को आधार से लिंक करने का। दरअसल, इंस्टाग्राम पर Ratan Tata के नाम से एक मैसेज वायरल हुआ। इस मैसेज के मुताबिक, Ratan Tata ने कहा, 'आधार कार्ड से शराब की बिक्री होनी चाहिए। शराब खरीदारों के लिए सरकारी खाद्य सब्सिडी बंद कर दी जानी चाहिए।'

मैसेज में आगे लिखा गया, 'बिजनेस लीडर ने आज दोपहर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट साझा की। रतन टाटा ने लिखा, जिनके पास शराब खरीदने की सुविधा है, वे निश्चित रूप से भोजन खरीद सकते हैं। जब हम उन्हें मुफ्त खाना देते हैं तो वे शराब खरीद लेते हैं।'


Ratan Tata ने पोस्ट को बताया फर्जी

मैसेज बहुत ज्यादा फैल गया तो खुद Ratan Tata को आगे आना पड़ा। टाटा संस के मानद चेयरमैन रतन टाटा ने इस पोस्ट को फर्जी बताया। 83 साल के रतन टाटा ने लिखा, यह मेरे द्वारा नहीं कहा गया। धन्यवाद। इन्हें इस पोस्ट के साथ फेक न्यूज लिखा और GIF भी शेयर की।

पहले भी फेक न्यूज का शिकार हुए हैं रतन टाटा

यह पहली बार नहीं है कि Ratan Tata को गलत तरीके से इंटरनेट मीडिया पर पेश किया गया हो। पिछले साल भी एक मामले में उन्हें सफाई देना पड़ी थी। तब उनके नाम से यह बयान प्रसारित किया गया था कि 'अर्थव्यवस्था की भारी गिरावट का कारण कोरोना महामारी है।' इसके बाद रतन टाटा ने इसे फर्जीा बताया और लोगों से कहा था कि 'अगर मुझे कुछ कहना है तो मैं इसे अपने आधिकारिक चैनलों पर कहूंगा। उन्होंने आग्रह किया था कि सच्ची खबरों के लिए लोगों को केवल आधिकारिक चैनलों पर भरोसा करना चाहिए।