
पणजी। धर्मांतरण के मसले पर देशव्यापी बहस के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने गोवा के कैथोलिक ईसाइयों की घर वापसी कराने का इरादा जताया है। इस कवायद के तहत ऐसे लोगों को हिदू धर्म में वापस लाने की व्यवस्था की जाएगी, जिनके पूर्वजों का पुर्तगाली शासन के दौरान जबरन धर्मांतरण कराया गया था।
संघ के पश्चिमी क्षेत्र के वैचारिक प्रकोष्ठ के प्रमुख शरद कुंटे ने कहा कि संघ ने अपनी सक्रियता से किसी का धर्मांतरण नहीं कराया है, लेकिन जो लोग अपने मूल धर्म में वापस लौटना चाहते हैं, उन्हें ही इसकी सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। यदि लोग वापस लौटना चाहते हैं तो हम उनका स्वागत करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि पुर्तगालियों ने हजारों हिदुओं का जबरन धर्मांतरण कराया था। जिनका धर्मांतरण कराया गया वे तो अब नहीं हैं लेकिन उनकी पीढ़ियां मौजूद हैं।
साथ ही उन्होंने कहा कि जो लोग वापस नहीं लौटना चाहते उनसे भी हमें किसी तरह की परेशानी नहीं है। भारतीय सेना द्वारा वर्ष 1961 में आजाद कराए जाने से पहले गोवा 450 साल से ज्यादा समय तक पुर्तगालियों के शासन में रहा। गोवा की कुल जनसंख्या 15 लाख है जिसमें से 26 फीसद से ज्यादा कैथोलिक ईसाई हैं।