
लखनऊ। निलंबित आईजी अमिताभ ठाकुर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के मामले में दर्ज मुकदमे की विवेचना में तेजी आ गई है। सोमवार को इस सिलसिले में निदेशक सतर्कता भानु प्रताप सिंह ने शासन से विमर्श किया और कई बिंदुओं पर परामर्श लिया।
जल्द ही ठाकुर के खिलाफ दर्ज मुकदमे में कुछ धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं। इधर, अमिताभ ने निदेशक को पत्र लिखकर उनसे एक घंटे का समय मांगा है। ठाकुर के खिलाफ राजधानी के गोमतीनगर थाने में सतर्कता अधिष्ठान के निरीक्षक महेश सिंह ने गत दिनों मुकदमा दर्ज कराया था। उन पर करीब 98 लाख रुपये आय से अधिक व्यय करने का आरोप है।
सूत्रों का कहना है कि इस बीच अधिष्ठान ने उन पर जमीन कब्जा करने का भी एक मामला ढूंढ लिया है। इसी मामले में मुकदमे को विस्तार दिया जा सकता है। ठाकुर का आरोप है कि वह सहयोग देने को तत्पर हैं लेकिन जांच निष्पक्ष नहीं हो रही है। उन्होंने सतर्कता निदेशक भानु प्रताप सिंह से एक घंटे का समय देने को कहा है कि ताकि वह अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे के संदर्भ में अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकें।
मुलायम के खिलाफ जांच की रिपोर्ट तलब
सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उसकी विवेचना किए जाने के आदेश के क्रियान्वयन की प्रगति पर निलंबित आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की ओर से दाखिल अर्जी पर प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रीता सिंह ने एक अक्टूबर को हजरतगंज थाने से रिपोर्ट तलब की है।
अदालत के समक्ष मामले की प्रगति आख्या मंगाने की मांग वाली अर्जी में अमिताभ ठाकुर ने आरोप लगाया है कि अदालत ने 14 सितंबर को मुलायम सिंह यादव के विरुद्ध रिपोर्ट दर्जकर विवेचना करने का आदेश हजरतगंज कोतवाली प्रभारी को दिया था।
कहा गया है कि हजरतगंज पुलिस सपा प्रमुख के दबाव में है जिसके कारण अदालत के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। गौरतलब हो कि ठाकुर ने सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की मांग को लेकर सीजेएम लखनऊ की अदालत में अर्जी दाखिल की थी।