सिंदूर में मिलाया जाता है खतरनाक केमिकल, हो सकती है गंभीर बीमारी
कुछ निर्माता इसे विशिष्ट लाल रंग देने के लिए लीड टेट्रोक्साइड का उपयोग करते हैं।
By
Edited By:
Publish Date: Tue, 29 Aug 2017 02:09:59 PM (IST)
Updated Date: Wed, 30 Aug 2017 09:21:55 AM (IST)

न्यू जर्सी। महिलाओं के लिए माथे पर सिंदूर लगाने का काफी महत्व होता है। सुहाग की निशानी के तौर पर सिंदूर बिंदी के रूप में या माथे पर लगाती है। वहीं कुछ महिलाएं अपने बालों पर भी लगा लेती है और बच्चे तक त्योहार के मौके पर माथे पर तिलक के रूप में लगाते हैं। लेकिन अब शोधकर्ताओं ने पाया है कि भारत और अमेरिका में बिक रहे सिंदूर में लेड का असुरक्षित स्तर हो सकता है। कुछ निर्माता इसे विशिष्ट लाल रंग देने के लिए लीड टेट्रोक्साइड का उपयोग करते हैं।
अध्ययन में 118 सिंदूर के नमूने लिए गए, जिनमें से न्यू जर्सी में साउथ एशियन स्टोर्स से 95 थे। अन्य 23 नमूने मुंबई और दिल्ली के थे। कुल मिलाकर, 80 प्रतिशत नमूनों में कुछ लेड पाया गया और एक तिहाई में यूएस ड्रग एंड फूड एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा तय सीमा से ज्यादा स्तर पाया गया।
न्यू जर्सी में प्सटाटवे के रटगर्स यूनिवर्सिटी के स्टडी ऑथर डॉ. डेरेक शेन्डेल के मुताबिक, 'अगर कोई ऐसा प्रोडक्ट है जिसमें लेड है तो वह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।'
शेन्डेल की टीम ने पाया कि 83 प्रतिशत अमेरिकी नमूनों और 78 प्रतिशत भारतीय नमूनों में प्रति ग्राम सिंदूर में 1 माइक्रोग्राम लेड था।
![naidunia_image]()
उनके मुताबिक, 'लेड का कोई सुरक्षित स्तर नहीं है। यह हमारे शरीर में नहीं होना चाहिए, विशेष रूप से 6 साल के कम उम्र के बच्चों में। खून में लेड का कम स्तर भी आईक्यू को प्रभावित कर सकता है। लेड एक्सपोजर का प्रभाव ठीक नहीं किया जा सकता है। सबसे महत्वपूर्ण कदम है लेड एक्सपोजर को रोकना।'
![naidunia_image]()
कॉस्मेटिक्स में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की सीमा प्रति ग्राम 20 माइक्रोग्राम है। 19 प्रतिशत अमेरिकी और 43 प्रतिशत भारतीय नमूनों में यह सीमा पार हो गई थी। अमेरिका के तीन और भारत के दो नमूनों में 10 हजार माइक्रोग्राम से ज्यादा स्तर पाया गया।