
तिरुवनंतपुरम। जंगल की दुनिया अजब है और इसका एहसास तभी होता है जब कोई इससे जुड़कर देखता है। लेकिन कुछ लोग समय-समय पर दुनिया के सामने इन जंगलों और उनसे जुड़ी जानकारी लेकर आते रहते हैं जो हैरत में डालने के लिए काफी होती है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने पश्चिमी घाटों में नाइट फ्रॉग की सात नई प्रजातियों की खोज की है जिनमें से चार तो दुनिया की सबसे छोटी हैं।
पांच साल की अथक मेहनत के बाद मिली यह प्रजातियां इतनी छोटी हैं कि एक पांच साल के बच्चे का अंगूठे पर बैठ जाएं। खोज को लीड करने वाले प्रोफेसर एसडी बिजु के अनुसार इन्हें पहले इसलिए नजर अंदाज कर दिया गया क्योंकि की यह दिखने में कीड़ों की तरह लगते हैं साथ ही छिपकर रहना पसंद करते हैं।
हाल ही में छपी इस स्टडी के अनुसार यह नाइट फ्रॉग भारत में 70-80 लाख साल पहले फैली मेंढकों की प्रजाति का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनसे जुड़ी पहली प्रजाति को 1882 में डॉक्यूमेंटेड किया गया था। जिन नई प्रजातियों की खोज हुई है उनका अकार 12.2 मीमी से 15.4 मीमी है।
यह मेंढक झिंगुरों की तरह आवाज निकालते हैं। प्रोफेसर बिजु के अनुसार स्थानिय लोगों के पता नहीं था कि ये यहां हैं। इस पर स्टडी कर रही यूनिवर्सिटी की स्टूडेंड सोनाली गर्ग के अनुसार यह मेंढक हमें इस बात की स्टडी में मदद करेंगे कि कैसे क्रम-विकास हुआ था।