
राजीव रंजन, पटना। सूचना क्रांति के इस युग में सोशल मीडिया भले ही सूचना का सबसे अत्याधुनिक साधन हो सकता है, लेकिन असामाजिक तत्वों द्वारा खौफ और भय का माहौल बनाने में भी इसकी भूमिका अहम रहती है। व्हाट्सएप पर 13.4 तीव्रता वाले भूकंप की भविष्यवाणी और भूकंप के कारण भूगर्भीय जल के जहरीले होने जैसे अफवाह आपदा प्रबंधन विभाग पर भी भारी पड़ रहे हैं।
अफवाह का असर कुछ ऐसा है कि विभाग के 'इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर' (ईओसी) के सभी टेलीफोन लगातार बज रहे हैं। पिछले 36 घंटे से लगातार काम कर रहे इस सेंटर के सभी दस टेलीफोन पर राज्यभर से संदेश आ रहे हैं। पटना के फुलवारीशरीफ से किसी शख्स ने फोन कर सूचना दी कि उनके मोहल्ले में एक साथ कई लोगों को चक्कर आ रहा है।
सूचना देने वाले ने यह भी पूछा कि कहीं यह भूकंप के बाद भूमिगत जल में जहर फैलने का असर तो नहीं है? क्योंकि हमारे मोहल्ले में ये सभी लोग हैंडपंप का पानी पी रहे हैं। एक अन्य टेलीफोन पर सहरसा से एक शख्स ने पूछा कि 13.4 तीव्रता वाला भूकंप कितने बजे आएगा?
हम कल दोपहर से ही यहां अपने खेत में एक पेड़ के नीचे अपने परिवार के साथ बैठे हैं। कहीं भूकंप से पेड़ तो नहीं गिर जाएगा? यहां तैनात कर्मचारी कल से लोगों को यह बताते-बताते थक से गए हैं कि भूकंप की भविष्यवाणी करने का कोई संसाधन इस दुनिया में उपलब्ध नहीं है। भूकंप से कभी भी भूमिगत जल में जहर नहीं फैलता, लेकिन लोगों में खौफ कम नहीं हो रहा।
अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई: डीआईजी
भूकंप के संबंध में भ्रामक सूचनाएं व्हाट्सएप पर भेजने वाले का नंबर निकट के थाना, जिला नियंत्रण कक्ष या डायल 100 पर दे सकते हैं। अफवाह फैलाने वाले मोबाइलधारक के खिलाफ पुलिस को कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।