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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सोनिया गांधी भावुक हुईं, रायबरेली की जनता के नाम लिखी चिट्ठी, ‘मेरे परिवार को संभाल लेना’

Sonia Gandhi letter: सोनिया गांधी ने लिखा, मेरा परिवार दिल्ली में अधूरा है। वह रायबरेली आकर आप लोगों में मिलकर पूरा होता है।

By Arvind DubeyEdited By: Arvind Dubey
Publish Date: Thu, 15 Feb 2024 01:48:38 PM (IST)Updated Date: Thu, 15 Feb 2024 01:48:38 PM (IST)
सोनिया गांधी भावुक हुईं, रायबरेली की जनता के नाम लिखी चिट्ठी, ‘मेरे परिवार को संभाल लेना’
सोनिया गांधी की जगह प्रियंका वाड्रा को

HighLights

  1. राजस्थान से राज्यसभा जा रहीं सोनिया गांधी
  2. रायबरेली लोकसभा से पांच बार जीतीं
  3. अब प्रियंका वाड्रा को मिल सकता है टिकट

एजेंसी, नई दिल्ली। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बुधवार को राज्यसभा जाने के लिए नामांकन भर दिया। इसके साथ ही तय हो गया था कि सोनिया गांधी रायबरेली लोकसभा सीट छोड़ रही हैं। अब उन्होंने रायबरेली की जनता के नाम भावुक चिट्ठी लिखी है। यहां पढ़िए पूरी चिट्ठी

नमस्कार !

मेरा परिवार दिल्ली में अधूरा है। वह रायबरेली आकर आप लोगों में मिलकर पूरा होता है। यह नेह - नाता बहुत पुराना है और अपनी ससुराल से मुझे सौभाग्य की तरह मिला है।

रायबरेली के साथ हमारे परिवार के रिश्तों की जड़ें बहुत गहरी हैं। आजादी के बाद हुए पहले लोकसभा चुनाव में आपने मेरे ससुर श्री फीरोज गाँधी जी को यहां से जिताकर दिल्ली भेजा। उनके बाद मेरी सास श्रीमती इंदिरा गांधी जी को आपने अपना बना लिया। तब से अब तक, यह सिलसिला जिंदगी के उतार-चढ़ाव और मुश्किल भरी राह पर प्यार और जोश के साथ आगे बढ़ता गया और इस पर हमारी आस्था मजबूत होती चली गई।


इसी रोशन रास्ते पर आपने मुझे भी चलने की जगह दी। सास और जीवनसाथी को हमेशा के लिये खोकर मैं आपके पास आई और आपने अपना आँचल मेरे लिये फैला दिया। पिछले दो चुनावों में विषम परिस्थितियों में भी आप एक चट्टान की तरह मेरे साथ खड़े रहे, मैं यह कभी भूल नहीं सकती। यह कहते हुए मुझे गर्व है कि आज मैं जो कुछ भी हूँ, आपकी बदौलत हूँ और मैंने इस भरोसे को निभाने की हरदम कोशिश की है।

अब स्वास्थ्य और बढ़ती उम्र के चलते मैं अगला लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी। इस निर्णय के बाद मुझे आपकी सीधी सेवा का अवसर नहीं मिलेगा, लेकिन यह तय है कि मेरा मन-प्राण हमेशा आपके पास रहेगा। मुझे पता है कि आप भी हर मुश्किल में मुझे और मेरे परिवार को वैसे ही संभाल लेंगे, जैसे अब तक सम्भालते आये हैं।

बड़ों को प्रणाम ! छोटों को स्नेह । जल्द मिलने का वादा ।