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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष को दिया करारा जवाब, कहा - 'नरेन्द्र मोदी ही बनेंगे अगले पीएम'

अमित शाह ने दावा किया कि विपक्षी गठबंधन में कितने भी लोग जुड़ें , लेकिन अगले प्रधानमंत्री तो नरेन्द्र मोदी ही बनेंगे।

By Shailendra KumarEdited By: Shailendra Kumar
Publish Date: Thu, 03 Aug 2023 09:45:16 PM (IST)Updated Date: Thu, 03 Aug 2023 09:45:16 PM (IST)
लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष को दिया करारा जवाब, कहा - 'नरेन्द्र मोदी ही बनेंगे अगले पीएम'
लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष को दिया जवाब ( फोटो - संसद टीवी)

Amit Shah in Parliament: संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के हमलों का करारा जवाब देते हुए कहा कि चाहे आप गठबंधन में कितने भी लोग जोड़ लें, लेकिन अगले प्रधानमंत्री तो नरेन्द्र मोदी ही बनेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (संशोधन) विधेयक, 2023 पर हुई बहस के दौरान ये बातें कहीं। इस दौरान उन्होंने विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A और अन्य विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा।

नरेन्द्र मोदी ही बनेंगे पीएम

बिल पर बहस के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि I.N.D.I.A के गठबंधन के बाद भी पीएम मोदी पूर्ण बहुमत के साथ फिर से प्रधानमंत्री बनेंगे। उन्होंने कहा कि सभी बिल महत्वपूर्ण हैं और आपको सदन में उपस्थित रहना चाहिए था। इस (दिल्ली सेवा विधेयक) विधेयक के पारित होने के बाद आपका गठबंधन ही टूट जाएगा। उन्होंने कहा कि यह बिल (दिल्ली सेवा बिल) इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह बिल पास होने के बाद गठबंधन टूट जाएगा। अरविंद केजरीवाल आपको बाय-बाय करके चले जाएंगे।


मणिपुर नहीं, गठबंधन की चिंता

मणिपुर के मुद्दे पर विपक्ष की आरोपों का जवाब देते हुए गृहमंत्री ने कहा कि विपक्ष की प्राथमिकता अपने गठबंधन को बचाना है। जैसे ही गठबंधन टूटने वाला बिल सामने आया, विपक्षियों को मणिपुर, दंगा, लोकतंत्र इत्यादि याद नहीं आया। विपक्ष को मणिपुर की चिंता नहीं है। हर कोई एक राज्य के अधिकारों के बारे में बात कर रहा है। लेकिन कौन सा राज्य? दिल्ली एक राज्य नहीं, बल्कि एक केंद्र शासित प्रदेश है। और संसद को दिल्ली के लिए कानून बनाने का अधिकार है।

AAP पर निशाना

गृहमंत्री ने दिल्ली की आम आदमी सरकार पर भी निशाना साधा। लोकसभा में उन्होंने कहा कि सेवाएँ हमेशा केंद्र सरकार के पास रही हैं। SC ने भी इसकी ऐसी व्याख्या दी है। साल 1993 से 2015 तक किसी भी मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर केन्द्र के साथ लड़ाई नहीं लड़ी। कोई लड़ाई नहीं हुई क्योंकि जो भी सरकार बनी, उनका उद्देश्य लोगों की सेवा करना था। लड़ने की कोई ज़रूरत नहीं है। अगर जरूरत है तो सेवा करने की, लेकिन अगर उन्हें सत्ता चाहिए तो वे लड़ेंगे।