
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लालकिले से दिए अपने भाषण में कहा था कि छोटी नौकरियों में इंटरव्यू की व्यवस्था खत्म होनी चाहिए।
ऐसा संभवत: उन्होंने इसलिए कहा होगा क्योंकि कई कंपनियों में बदलते वक्त के साथ्ा नौकरी देने के लिए तेजी से नियुक्ति यानी ‘स्पीड हायरिंग’ का कॉन्सेप्ट अपनाया जा रहा है। यानी योग्य उम्मीदवारों का चयन सिर्फ 12 मिनट में ही कर लिया जाता है।
ई-कामर्स और अन्य स्टार्ट अप (नई कंपनियां) को हायरिंग प्रक्रिया में कम से कम समय लगे, इसलिए ह्यूमन रिसोर्सेज मैनेजरों ने इस नई हायरिंग का तरीका तैयार किया है। इस प्रोसेस को स्नैपडील, ओला कैब्स, फूडपांडा, प्रैक्टो और डब्ल्यूएनएस जैसी कंपनियों ने समर्थन भी दिया है।
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असेसमेंट फर्म कोक्यूब्स ने इस प्रोसेस को डिजाइन किया है। कोक्यूब्स के सीईओ हरप्रीत सिंह ग्रोवर ने कहा कि स्टार्टअप कंपनियों में यह कॉन्सेप्ट काफी लोकप्रिय है। इसे बड़ी कंपनियां भी इस्तेमाल कर रही हैं। स्नैपडील ने छह महीने में कोक्यूब्स के प्लेटफॉर्म से 22,000 लोगों का असेसमेंट किया है।
उम्मीदवारों के ज्ञान की परीक्षा लेने के लिए कोक्यूब्स टेक्नोलॉजी ने तीव्र ज्ञानात्मक क्षमता परीक्षण पद्धति (सीएएसटी) डेवलप की है। इसमें 50 बहुविकल्पीय सवालों के आधार पर उम्मीदवारों के अंग्रेजी व्याकरण, अनुपात और प्रतिशत की गणना क्षमता और तर्क-वितर्क क्षमता का आकलन किया जाता है।
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ग्लोबल हंट के प्रबंध निदेशक सुनील गोयल ने बताया कि हर पखवाडे परिदृश्य बदलता है और इसलिए निवेशकों को परिणाम दिखाना जरूरी होता है। ऐसे में नई हायरिंग के लिए ज्यादा समय लगाना प्रैक्टिकल नहीं हो सकता।