
अमरनाथ यात्रा दो जुलाई से शुरू होेने जा रही है। इस बार की यात्रा कई मायनों में बहुत खास रहेगी। सरकार ने कुछ नई सुविधाएं दी हैं तो कुछ पाबंदियां भी लगाई हैं।
1. बाबा की गूफा में गूंजेंगी मोबाइल रिंग टोन - इस बार अमरनाथ यात्रियों की मोबाइल सुविधा बढ़ने की भरपूर कोशिश की गई है। सबकुछ ठीक रहा तो यात्रियों को पूरे रास्ते कनेक्टिविटी मिलेगी। यहां तक कि बाबा की गुफा में भी मोबाइल पर बात की जा सकेगी।
सरकार ने बीते अप्रैल में इसका ऐलान किया था। 2014 की यात्रा के दौरान भी सरकार ने इसकी कोशिश की थी, लेकिन बीएसएनएल टावर्स की बैटरियां ठीक ढंग से काम नहीं कर सकी थीं, जिस कारण कनेक्टिविटी नहीं मिल पाई थी।
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2. फास्टफूड के साथ ही पूरी, हलवा, पराठे भी नहीं - श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने फास्ट फूड और कोल्ड ड्रिंक्स पर बैन लगा दिया है। यही नहीं, डॉक्टरों की विशेष सलाह के बाद भारी पुलाव या फ्राइड राइस, पूरी, भटूरा, पिज्जा, बर्गर, पराठा, डोडा, पिकल और क्रीम से बनने वाले आइटम पर भी पाबंदी लगा दी है।
कोल्ड ड्रिंक के अलावा हलवा, जलेबी, गुलाब जामुन, लड्डू, खोया बर्फी और दूसरे हलवाई आइटम भी इस बार खाने को नहीं मिलेंगे। यात्रा के दौरान मांसाहार, शराब, तंबाकू/गुटका, पान मसाला व अन्य नशीले पदार्थ पहले से ही प्रतिबंधित हैं।
3. मुगल रोड के रास्ते कश्मीर जाने की अनुमति - श्रद्धालुओं को इस बार मुगल रोड के रास्ते भी कश्मीर जाने की अनुमति है। इससे पहले इस मार्ग से अमरनाथ यात्रियों के जाने पर रोक थी। हल्के वाहनों पर आने वाले यात्री अपनी इच्छा से इस मार्ग से आ-जा सकते हैं।
भारी बर्फबारी से छह माह बंद रहने के बाद पुंछ जिले को शोपियां से जोड़ने वाले मुगल रोड पर मई से वाहनों की आवाजाही शुरू हो चुकी है। जम्मू से कश्मीर जाने के लिए जम्मू-श्रीनगर हाईवे का इस्तेमाल करने पर पूरे एक दिन का समय लग जाता है, लेकिन मुगल रोड से कश्मीर जाने वाले वाहन मात्र सात घंटों में जम्मू से कश्मीर पहुंच जाएंगे। इस मार्ग से यात्रियों का काफी समय बचेगा।