
नई दिल्ली। देश में बढ़ रहे आईएसआई के आतंक में अब नई कड़ी जुड़ गई है। खुफिया तंत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश पुलिस को जानकारी मिली है कि नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ के पेशेवर शिक्षण संस्थानों के माध्यम से आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट भारत में अपनी जड़ें मजबूत कर रहा है।
मेरठ डिविजनल कमिश्नर आलोक सिन्हा ने छह जिलों के मजिस्ट्रेट और एसएसपी से कहा है कि वे अफगानिस्तान और खाड़ी देशों के उन छात्रों पर नजर रखें, जो मेरठ, नोएडा और गाजियाबाद में पढ़ाई कर रहे हैं।
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इसके अलावा अधिकारियों को कहा गया है कि उन छात्रों पर पुलिस की विशेष नजर होनी चाहिए, जो पैसा लुटा रहे हैं या हाल ही में अमीर हुए हैं। खासकर वे जो अपने परिवार की कमाई से ज्यादा खर्च कर रहे हैं।
आईएस शिक्षित युवा छात्रों को अपने संगठन में शामिल कर रहा है जो इंटरनेट के माध्यम से राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं। धार्मिक उन्माद के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में युवा ऐसी गतिविधियों में आसानी से शामिल हो जाते हैं।
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सिन्हा ने ये बातें बुलंदशहर, बागपत, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, मेरठ और गाजियाबाद के डिएम और एसएसपी को लिखे एक पत्र में लिखी हैं। आयुक्त ने इन जिलों में चल रहे सभी साइबर कैफे की एक सूची तैयार करने और वहां की संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए भी कहा है।
गृह विभाग के एक सूत्र ने बताया कि केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश को हाल ही में सतर्क करते हुए कहा है कि वह आईएस के खतरे को गंभीरता से ले। इसके अलावा युवाओं को आतंकी संगठन की विचारधारा पर ले जाने वाले स्लीपर सेलों को सक्रिय होने से रोकने के प्रयास करे।