• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • देश

सुप्रीम कोर्ट ने दिया खतरनाक कुत्तों को 'मौत का इंजेक्शन' देने का आदेश, बोला- लोगों की सुरक्षा जरूरी

सुप्रीम कोर्ट ने खतरनाक और बीमार आवारा कुत्तों को मारने की अनुमति देते हुए कहा कि लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है। कोर्ट ने सभी याचिकाएं खारिज कर दीं।

By Digital DeskEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Tue, 19 May 2026 12:05:51 PM (IST)Updated Date: Tue, 19 May 2026 12:05:51 PM (IST)
सुप्रीम कोर्ट ने दिया खतरनाक कुत्तों को 'मौत का इंजेक्शन' देने का आदेश, बोला- लोगों की सुरक्षा जरूरी
आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट ने खतरनाक कुत्तों को मारने की अनुमति दी
  2. अधिकारियों को निर्देश पालन नहीं करने पर अवमानना की चेतावनी
  3. श्रीगंगानगर में एक महीने में 1084 डॉग बाइट मामले सामने

डिजिटल डेस्क। आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों और लोगों की सुरक्षा को लेकर Supreme Court of India ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि खतरनाक और गंभीर रूप से बीमार कुत्तों को इंजेक्शन लगाकर मारा जा सकता है। निर्देशों का पालन न करने वाले अधिकारियों पर अवमानना की कार्रवाई होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि खतरनाक और गंभीर रूप से बीमार आवारा कुत्तों को इंजेक्शन लगाकर मारा जा सकता है, क्योंकि लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जो अधिकारी कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है। कोर्ट ने इस मामले में दाखिल सभी याचिकाएं खारिज कर दीं।


तमिलनाडु में चार महीने 2 लाख लोगों को काटा

सुनवाई के दौरान अदालत ने बताया कि राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक महीने में कुत्तों के काटने के 1084 मामले सामने आए, जबकि तमिलनाडु में चार महीनों में करीब दो लाख घटनाएं दर्ज हुईं। कोर्ट ने पहले सार्वजनिक स्थलों से आवारा कुत्तों को हटाने के निर्देश दिए थे।