पूर्णिया। मुजफ्फरपुर और मोकामा बालिका गृह का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि सोमवार को पूर्णिया के बालिका गृह से भी एक किशोरी भाग गई। बालिका गृह से किशोरी के भागने के मामले में पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है। भागी गई किशोरी ने कुछ मीडिया कर्मियों से संपर्क किया और उनसे बातचीत कर बालिका गृह की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उसमें यहां की संवासिनों के साथ 'गंदा काम' करने का भी आरोप लगाया है।
किशोरी के आरोपों की मानें तो यौन शोषण के इस काम में बालिका गृह के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत है। हालांकि इसमें कितनी सच्चाई है, यह जांच के बाद पता चल पाएगा। बालिका गृह की गृह माता ने बताया कि जिला प्रशासन के द्वारा तीन महिला गार्ड को सुरक्षा के लिहाज से यहां तैनात किया गया था लेकिन घटना के समय एक भी गार्ड यहां नहीं था।
सोमवार को 10 बजकर पांच मिनट पर समाज कल्याण विभाग के सहयोग से जाफरीबाग, चांदनी चौक सिटी, पूर्णिया में संचालित नारी गुंजन बालिका गृह से किशोरी फरार हो गई। बालिका गृह की गृहमाता प्रिया कुमारी के लिखित बयान पर सदर थाने में दर्ज कराया गया है। मामला दर्ज होते ही पुलिस किशोरी के पति को कटिहार के मिरचाईबाड़ी से पकड़ कर सदर थाना ले आई है।
बालिका गृह की काउंसलर नेहा झा ने बताया कि कटिहार सीजेएम कोर्ट ने किशोरी के 164 के बयान के बाद 21 फरवरी को नारी गुंजन बालिका गृह में रहने के लिए भेजा था। सुबह 10 बजे के करीब गृहमाता प्रिया कुमारी दूसरे बच्चों के कपड़े सुखाने के लिए बाहर निकल रही थी। उसी दौरान किशोरी एक अन्य किशोरी की मदद से हाउस मदर के हाथ में दांत काटकर वहां से फरार हो गई। उन्होंने बताया कि जब तक वह कुछ समझ पाती एक और लड़की उन्हें धक्का देकर भागना चाह रही थी लेकिन उसे पकड़ कर गेट बंद कर लिया गया। एक किशोरी भागने में सफल रही।
खुद थाने पहुंची थी नाबालिग
फरार हुई लड़की कटिहार की रहने वाली है। जानकारी के मुताबिक कुछ दिन पूर्व लड़की के पिता ने सहायक थाना में अपनी बेटी को शादी की नीयत से बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था। इसमें एक युवक को लड़की के पिता ने नामजद किया था। सहायक पुलिस ने बरामदगी को लेकर कार्रवाई शुरू की। छापामारी के बाद भी गायब लड़की का कोई सुराग नहीं मिला।
16 फरवरी को लड़की स्वयं सहायक थाना पहुंची। लड़की ने पुलिस को पिता की डांट के कारण घर से भाग जाने की बात कही। पुलिस ने न्यायालय में लड़की का बयान कराने के बाद माता-पिता के हवाले करने उनके घर पहुंचे, लेकिन लड़की के माता-पिता ने उसे अपने साथ रखने से इन्कार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने नाबालिग को 19 फरवरी को पूर्णिया बालिका सुधार गृह भेज दिया था।